दमोह मिशन अस्पताल मामला: प्रबंधक मंडल से जुड़े फरार आरोपी को उत्तराखंड से किया गिरफ्तार, फर्जी डॉक्टर एन जॉन कैम के इलाज में 7 मरीजों की मौत

दमोह ( शिखर दर्शन ) // मध्य प्रदेश के दमोह जिले में मिशन अस्पताल में 7 मरीजों की मौत के मामले में बड़ी गिरफ्तारी हुई है। पुलिस ने प्रबंधक मंडल से जुड़े फरार आरोपी विजय लैम्बर्ड को उत्तराखंड से गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी उन आठ फरार आरोपियों में से एक है, जो फर्जी डॉक्टर एन जॉन कैम के इलाज से हुई मौतों के मामले में जांच के दायरे में थे।
फर्जी डॉक्टर के इलाज से हुई थी मौत
दमोह के मिशन अस्पताल में डॉ. एन जॉन कैम उर्फ नरेंद्र विक्रमादित्य यादव ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल की थी। जनवरी-फरवरी 2025 में उसने 15 से ज्यादा हार्ट सर्जरी की, जिनमें 7 मरीजों की मौत हुई। तीन मरीजों की मौत एंजियोप्लास्टी के दौरान हुई थी। जांच में पता चला कि डॉ. एन जॉन कैम की डिग्री और अनुभव पूरी तरह से फर्जी थे।
गिरफ्तारी और फरार आरोपियों की जानकारी
फर्जी डॉक्टर के मामले में दो FIR दर्ज की गई थीं। पहले मामले में डॉ. एन जॉन कैम पहले ही गिरफ्तार हो चुका है। दूसरी FIR में शामिल आठ फरार आरोपियों में से आज प्रबंधक मंडल से जुड़े विजय लैम्बर्ड को उत्तराखंड से गिरफ्तार किया गया। CSP एच आर पांडे ने बताया कि विजय लैम्बर्ड उस टीम का हिस्सा था जिसने अस्पताल में गलत डॉक्टर की नियुक्ति की थी, जिससे मरीजों की मौत हुई।
फर्जी दस्तावेज और पूर्व उपराष्ट्रपति के नाम का इस्तेमाल
जांच में पता चला कि डॉ. एन जॉन कैम ने नागपुर से कूटरचित दस्तावेज बनवाए थे। एक डिग्री पर पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के भी फर्जी हस्ताक्षर थे। यह डिग्री पांडिचेरी विश्वविद्यालय से ली गई दिखाई गई, लेकिन पूरी तरह से फर्जी साबित हुई। इसके अलावा उसके पास और भी कई फर्जी डिग्रियां थीं।
आरोपी प्रयागराज से गिरफ्तार
फर्जी डॉक्टर के मामले में डॉ. एन जॉन कैम मौत के बाद उत्तर प्रदेश के प्रयागराज भाग गया था। सीएम डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर दमोह एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी की टीम ने प्रयागराज जाकर आरोपी को गिरफ्तार किया।
यह गिरफ्तारी मामले की जांच में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।



