‘मैं खुद दलित और बुद्ध से प्रभावित हूं’: CJI गवई पर हमला करने वाले वकील राकेश किशोर का बड़ा दावा, खजुराहो विष्णु मंदिर में करेंगे अनशन

नई दिल्ली ( शिखर दर्शन ) // सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस बीआर गवई पर जूता फेंकने की कोशिश करने वाले वकील राकेश किशोर ने एक चौंकाने वाले बयान में खुद को दलित बताया है। किशोर ने खजुराहो के विष्णु मंदिर को लेकर दुख जताते हुए कहा कि वे अनशन करने वाले हैं और भगवान विष्णु की मूर्ति को बहाल कराएंगे।
किशोर ने अपने बयान में भगवान बुद्ध के विचारों से गहरी प्रेरणा लेने की बात कही और कहा, “मैंने गौतम बुद्ध को सबसे अधिक पढ़ा है। बौद्ध धर्म के ज्ञान में मेरी गहरी रुचि है।” उन्होंने यह भी बताया कि उनका मकसद सनातन धर्म की रक्षा करना है।
बता दें कि 6 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट नंबर 1 में 71 वर्षीय किशोर ने अचानक हंगामा मचाया और CJI गवई की ओर जूता फेंकने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने “सनातन का अपमान नहीं सहेंगे” के नारे लगाए। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें तुरंत पकड़ लिया। यह घटना खजुराहो के जवारी मंदिर में भगवान विष्णु की क्षतिग्रस्त मूर्ति को बहाल करने की याचिका से जुड़ी थी, जिसे CJI गवई की बेंच ने 16 सितंबर को खारिज कर दिया था।
इस विवाद के बाद सोशल मीडिया पर किशोर की जाति को लेकर बहस शुरू हो गई थी। किशोर ने वीडियो बयान जारी कर कहा, “मैं खुद दलित हूं और मुझे दुख होता है कि कुछ वर्ग हिंदुओं से कटकर अलग हो रहा है।”
हालांकि पुलिस ने किशोर को हिरासत में लिया, लेकिन CJI गवई ने उन्हें माफ कर दिया। दिल्ली बार काउंसिल ने उनके प्रैक्टिस लाइसेंस को सस्पेंड कर दिया है।



