छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड: राहुल गांधी कल पहुंच सकते हैं, पीड़ित परिवारों से करेंगे मुलाकात; AICC ने मांगी रिपोर्ट, अब तक 19 बच्चों की मौत

भोपाल (शिखर दर्शन) // मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप से मासूम बच्चों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक 19 बच्चों की जान जा चुकी है, और यह मामला पूरे देश में चिंता और आक्रोश का कारण बन गया है। विपक्ष ने राज्य सरकार पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
राहुल गांधी पीड़ित परिवारों से करेंगे मुलाकात
कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी कल विदेश दौरे से लौटने के बाद छिंदवाड़ा पहुंच सकते हैं। वे पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे और घटना की पूरी जानकारी लेंगे। राहुल गांधी पहले रायबरेली में रहेंगे, जहां हाल ही में एक दलित युवक की पीट-पीटकर हत्या का मामला सामने आया था, इसके बाद वे छिंदवाड़ा रवाना होंगे। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) ने इस घटना की पूरी रिपोर्ट मांगी है।
सरकार ने कंपनी की सभी दवाओं पर लगाया बैन
छिंदवाड़ा जिले में सितंबर से शुरू हुए इस संकट ने भयावह रूप ले लिया है। डॉक्टरों द्वारा सुझाए गए कोल्ड्रिफ कफ सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) नामक जहरीले तत्व की घातक मात्रा पाई गई। तमिलनाडु लैब की रिपोर्ट में सिरप में 46.2% जहरीला पदार्थ पाया गया। परासिया के डॉक्टर प्रवीण सोनी, जिन्होंने कई बच्चों को यह सिरप दिया, को गिरफ्तार किया गया है। सिरप बनाने वाली फार्मा कंपनी पर FIR दर्ज की गई है और राज्य सरकार ने कंपनी की सभी दवाओं पर बैन लगा दिया है। पुलिस ने SIT गठित कर जांच तेज कर दी है।
अब तक 19 बच्चों की जा चुकी जान
आंकड़ों के अनुसार, छिंदवाड़ा में 17 बच्चों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि बैतूल में दो और मामले सामने आए हैं, जिससे कुल मौतों की संख्या 19 हो गई है। कई बच्चे अभी नागपुर के अस्पतालों में भर्ती हैं, जहां उनका किडनी फेलियर का इलाज चल रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रत्येक पीड़ित परिवार को 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है और सरकार इलाज का पूरा खर्च वहन करेगी। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने समय पर कार्रवाई नहीं की, जिसके कारण यह बड़ी त्रासदी हुई।



