छिंदवाड़ा कफ सिरप मामला: SIT तमिलनाडु में दवा कंपनी कर्मियों से करेगी पूछताछ, स्वास्थ्य मंत्री ने नागपुर में बच्चों का हाल जाना
भोपाल / नागपूर // (शिखर दर्शन) // छिंदवाड़ा में कफ सिरप के सेवन से बच्चों की मौत के गंभीर मामले में जांच को तेज करते हुए एसआईटी की 12 सदस्यीय टीम तमिलनाडु पहुंच गई है। टीम का उद्देश्य वहां की दवा कंपनी और उससे जुड़े कर्मचारियों से पूछताछ करना है। फैक्ट्री में जाकर SIT टीम मामले की बारीकी से छानबीन करेगी और जांच के दौरान कुछ और आरोपी भी सामने आ सकते हैं।
छिंदवाड़ा के परासिया SDOP जितेंद्र जाट के मार्गदर्शन में 7 सदस्यीय टीम कांचीपुरम पहुंची है। इसके साथ ही छिंदवाड़ा की साइबर टीम और एक ड्रग इंस्पेक्टर भी जांच में मौजूद हैं। SIT के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मामले के अन्य पहलुओं पर भी छानबीन कर रहे हैं।
इधर, मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला नागपुर पहुंचे और कफ सिरप से प्रभावित बच्चों की हालत का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल में बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात की और डॉक्टरों की टीम को सतत निगरानी और बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य लाभ के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम लगातार मॉनिटरिंग करती रहे।
गौरतलब है कि छिंदवाड़ा के परासिया सिविल अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रवीन सोनी अपने निजी क्लीनिक में बच्चों का इलाज कर रहे थे। निजी प्रैक्टिस के दौरान बच्चों को ऐसी दवाइयां दी गईं, जिनके सेवन के बाद बच्चों को तेज बुखार, पेशाब में कठिनाई और किडनी पर गंभीर प्रभाव देखा गया। अब तक इस कफ सिरप से 17 बच्चों की मौत हो चुकी है।