मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया, कहा- जनता का भरोसा हमारी सबसे बड़ी संपत्ति, इसे बनाए रखना ही सर्वोपरि

समग्र विकास और सुशासन पर दिया जोर
भोपाल ( शिखर दर्शन ) // मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में कलेक्टर्स-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ किया और अधिकारियों को प्रदेश के समग्र और समावेशी विकास के लिए प्राण-प्रण से कार्य करने का आह्वान किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव अनुराग जैन और अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन संजय कुमार शुक्ल ने मुख्यमंत्री का पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन का अंतिम उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और कल्याण की किरण पहुँचाना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के साथ मिशन मोड में कार्य करें, ताकि जनता तक योजनाओं का अधिकतम लाभ शीघ्रता से पहुँच सके।
कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे अपने क्षेत्रों में नवाचार करें, स्थानीय जनता, मीडिया और जनप्रतिनिधियों से सतत संवाद बनाए रखें और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता एवं दक्षता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि कृषि, दुग्ध उत्पादन, शिक्षा, सिंचाई और सामाजिक कल्याण जैसे क्षेत्रों में नवाचार और बेहतर क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी जाए।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सिंहस्थ-2028 प्रदेश की सांस्कृतिक, धार्मिक और आर्थिक समृद्धि को प्रदर्शित करने का अवसर है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने जिलों में सांस्कृतिक और धार्मिक विरासतों का संरक्षण और सौंदर्यकरण करें तथा पर्यटन को बढ़ावा दें।
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बताया कि विकसित मध्यप्रदेश @2047 विजन के तहत शासन की प्राथमिकताओं और कार्य बिंदुओं पर चर्चा की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों से टीम वर्क, बेहतर संवाद और वर्चुअल कॉन्फ्रेंस के माध्यम से समस्याओं के समाधान पर ध्यान देने को कहा।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन संजय कुमार शुक्ला सहित सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, कमिश्नर, कलेक्टर्स, सीईओ जिला पंचायत और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।



