बिलासपुर संभाग

नगर निगम की सामान्य सभा में हंगामा : जीएसटी कटौती पर धन्यवाद प्रस्ताव का विपक्ष ने किया विरोध, कांग्रेस पार्षदों ने वार्डों की उपेक्षा को लेकर जताई नाराजगी

मोदी के समर्थन पर विपक्ष का विरोध, मेयर-पार्षद आमने-सामने, 38 प्रस्ताव पारित

बिलासपुर (शिखर दर्शन) // नगर निगम बिलासपुर की सामान्य सभा की बैठक सोमवार को हंगामे के बीच संपन्न हुई। सड़क, बिजली, पानी और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा के साथ ही 38 एजेंडे और 7 अतिरिक्त प्रस्ताव महज 25 मिनट में पारित किए गए। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति जीएसटी दरों में कटौती के लिए धन्यवाद प्रस्ताव रखा गया, जिस पर विपक्ष ने जमकर विरोध किया। सदन में एक ओर “मोदी-मोदी” के नारे गूंजे, वहीं कांग्रेस पार्षदों ने “वोट चोर गद्दी छोड़ो” के नारे लगाकर माहौल गर्मा दिया।

मेयर और पार्षद के बीच तीखी नोकझोंक

बैठक के दौरान पार्षदों और मेयर पूजा विधानी के बीच तीखी बहस देखने को मिली। पार्षद रीता कश्यप ने आरोप लगाया कि मेयर कांग्रेस पार्षदों के वार्डों में विकास कार्यों पर ध्यान नहीं देतीं। वहीं पार्षद पुष्पेंद्र साहू ने कहा कि मेयर उनके फोन कॉल तक रिसीव नहीं करतीं। इस पर मेयर पूजा विधानी ने पलटवार करते हुए कहा, “पार्षद अपने वार्ड में रहते ही नहीं, उनके पिता से ही मुलाकात होती है। जब वार्ड में रहेंगे तभी जनता की समस्या समझ में आएगी।” उन्होंने आगे कहा कि “हम छह महीने से सत्ता में हैं, कोई जादू की छड़ी नहीं है कि तुरंत सब समस्याएं हल हो जाएं।”

बैठक व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी

सामान्य सभा की बैठक शुरू होने से पहले ही बैठक व्यवस्था को लेकर भाजपा पार्षदों ने नाराजगी जाहिर की। पार्षद तिलक साहू ने व्यवस्था पर सवाल उठाए, वहीं मोती गंगवानी ने स्मार्ट सिटी परियोजना से जुड़े स्कूल में हुई चोरी की घटना पर हंगामा किया और इस्तीफा देने की चेतावनी दी।

गायत्री साहू पर एफआईआर का मुद्दा भी गरमाया

सदन में कांग्रेस पार्षद गायत्री साहू के खिलाफ दर्ज एफआईआर का मुद्दा भी उठाया गया। पार्षद गायत्री ने कहा, “क्या जनता की मांग उठाना गुनाह है कि मुझ पर एफआईआर दर्ज की गई?” सभापति विनोद सोनी ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि “अगर जनप्रतिनिधि समस्याएं निगम के सामने नहीं रखेंगे तो कहां जाएंगे। पिछले 35 वर्षों में विपक्ष और सत्ता दोनों में रहे, लेकिन किसी पार्षद पर कभी एफआईआर नहीं हुई। निगम आयुक्त को इस पर ध्यान देना चाहिए।”

4.90 करोड़ की लागत से बनेगा कमर्शियल कॉम्प्लेक्स

बैठक में कुल 38 प्रस्तावों में से 27 जाति प्रमाणपत्र से संबंधित थे, जबकि अन्य प्रस्ताव विकास कार्यों से जुड़े रहे। व्यापार विहार क्षेत्र में जीएसटी कार्यालय के सामने लगभग 4.90 करोड़ रुपए की लागत से एक आधुनिक कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया। इसके अलावा सिरगिट्टी क्षेत्र में स्पोर्ट्स क्लब और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के निर्माण की योजना भी मंजूर हुई।

संक्षेप में

नगर निगम बिलासपुर की यह सामान्य सभा एक ओर जनसमस्याओं पर प्रस्ताव पारित करने में सक्रिय रही, तो दूसरी ओर राजनीतिक टकराव और आरोप-प्रत्यारोप के चलते माहौल कई बार गरमाता रहा। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच की यह नोकझोंक नगर निगम की राजनीति में आने वाले दिनों में और रंग ला सकती है।

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