महाराष्ट्र

महाराष्ट्र में मच सकता है ‘चक्रवात शक्ति’ का कहर: मुंबई-ठाणे समेत कई जिलों में अलर्ट जारी

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने महाराष्ट्र के तटीय और आंतरिक जिलों के लिए चक्रवात ‘शक्ति’ को लेकर चेतावनी जारी की है। विभाग ने बताया कि यह चक्रवात 4 से 7 अक्टूबर के बीच सक्रिय रहेगा और इस दौरान राज्य के कई हिस्सों में उच्च से मध्यम स्तर का प्रभाव देखने को मिल सकता है।

मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग पर खतरा

मौसम विभाग के अनुसार, 4 से 5 अक्टूबर के बीच उत्तरी महाराष्ट्र तट पर हवा की रफ्तार 45 से 55 किमी/घंटा तक रह सकती है, जबकि झोंकों के साथ यह गति 65 किमी/घंटा तक पहुंचने की संभावना है। चक्रवात की तीव्रता बढ़ने पर हवा की गति और अधिक बढ़ सकती है। इसके चलते मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों में अलर्ट जारी किया गया है।

समुद्र उफान पर, मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह

IMD ने चेतावनी दी है कि चक्रवात ‘शक्ति’ के कारण 5 अक्टूबर तक समुद्री स्थिति बेहद खराब रहेगी। समुद्र की सतह में असामान्य उतार-चढ़ाव और ऊंची लहरें उठ सकती हैं। विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने और तटीय क्षेत्रों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी है।

विदर्भ और मराठवाड़ा में भारी बारिश का पूर्वानुमान

पूर्वी विदर्भ और मराठवाड़ा के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, उत्तरी कोंकण के निचले इलाकों में घने बादल छाए रहेंगे। विभाग ने कहा कि वातावरण में नमी की अधिकता के कारण अत्यधिक वर्षा और बाढ़ की स्थिति बन सकती है।

राज्य सरकार ने दिए निर्देश, आपदा प्रबंधन प्रणाली अलर्ट पर

महाराष्ट्र सरकार ने चक्रवात ‘शक्ति’ की चेतावनी के बाद सभी जिला प्रशासन को निर्देश जारी किए हैं।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं —

  • आपदा प्रबंधन प्रणाली को सक्रिय करना
  • तटीय और निचले इलाकों में निकासी योजनाएं तैयार करना
  • जनहित में एडवाइजरी जारी करना
  • समुद्री यात्रा पर रोक लगाने की अपील
  • भारी बारिश के दौरान सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करना

राज्य सरकार ने नागरिकों से सतर्क रहने और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में नुकसान को न्यूनतम रखा जा सके।

ओडिशा और बिहार में भी मौसम का असर

बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र का असर ओडिशा और बिहार में भी देखा जा रहा है।
ओडिशा के तटीय जिलों में भारी वर्षा और भूस्खलन की घटनाएं दर्ज की गई हैं, जबकि बिहार के कई जिलों में 4 और 5 अक्टूबर को रेड अलर्ट जारी किया गया है। राजधानी पटना सहित उत्तर और दक्षिण बिहार में अति भारी बारिश की संभावना है।

उत्तराखंड में ओलावृष्टि और तेज हवाओं की आशंका

उत्तराखंड में मौसम विभाग ने देहरादून समेत सात जिलों में बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी दी है। आगामी दो दिनों तक ऑरेंज और येलो अलर्ट लागू रहेगा।

IMD और राज्य सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, मौसम अपडेट पर ध्यान दें और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें।

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