वृद्धजन हमारे संस्कृति वाहक, उनकी सेवा ईश्वर पूजा के समान: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम, बुजुर्गों के लिए नई घोषणाएं
रायपुर (शिखर दर्शन) // मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि वृद्धजन हमारे मार्गदर्शक और अमूल्य संस्कृति के वाहक हैं। उनकी देखभाल सरकार और समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी है। केंद्र और राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों के पेंशन, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन के लिए निरंतर योजनाओं को मजबूत बना रही है।

मुख्यमंत्री साय आज राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित कृषि मंडपम में आयोजित राज्य स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने बुजुर्गों को शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।
बुजुर्गों के लिए नई पहलें
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि रायपुर, बिलासपुर, कोरबा और दुर्ग में पीपीपी मॉडल पर सर्वसुविधायुक्त वृद्धाश्रम बनाए जाएंगे। साथ ही दिव्यांगजनों के सहायक उपकरणों की मरम्मत हेतु रायपुर में विशेष सर्विस सेंटर स्थापित किया जाएगा। इस मौके पर उन्होंने नशामुक्त भारत अभियान के तहत राज्यभर में जागरूकता फैलाने के लिए 25 नशामुक्ति रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
“माता-पिता की सेवा ही ईश्वर की पूजा”
साय ने कहा, “मेरे गुरु ने मुझे सिखाया है कि माता-पिता की सेवा ही ईश्वर की पूजा है। हम सभी को यह सच्चाई नहीं भूलनी चाहिए कि आज जो अवस्था हमारे बुजुर्गों की है, कल हम भी उसी अवस्था में होंगे।” उन्होंने जनता से अपील की कि सभी लोग बुजुर्गों का सम्मान करें और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करें।
योजनाओं का लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की पेंशन योजनाओं से अब तक 14 लाख बुजुर्ग लाभान्वित हुए हैं। आयुष्मान भारत और शहीद वीर नारायण सिंह स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत 8 लाख से अधिक बुजुर्गों को मुफ्त इलाज मिला है। वहीं मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना और श्री रामलला दर्शन योजना से 50 हजार से अधिक बुजुर्ग लाभान्वित हुए हैं।
समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि प्रदेश के 35 वृद्धाश्रमों में 1049 वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल हो रही है और 6 जिलों में प्रशामक देखरेख गृह संचालित किए जा रहे हैं। विभागीय हेल्पलाइन के जरिए 54 हजार से अधिक समस्याओं का समाधान किया गया है।
पर्यटन साथी पहल
कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन रायपुर और ईज़ माई ट्रिप के बीच पर्यटन साथी पहल के लिए एमओयू हुआ। मुख्यमंत्री ने इसे युवाओं के लिए रोजगार और राज्य के पर्यटन को बढ़ावा देने वाला कदम बताया। इस योजना के तहत युवाओं को आईटीआई सड्डू में टूर गाइड के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रत्येक बैच में 50 युवाओं को तीन माह का प्रशिक्षण दिया जाएगा।



