‘करूर भगदड़ ने तोड़ा दिल…’ थलपति विजय ने जताया गहरा शोक, कहा- इस दर्द को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता

तमिलनाडु के करूर में विजय रैली भगदड़: 39 की मौत, अभिनेता विजय ने जताया गहरा दुख
नई दिल्ली (शिखर दर्शन) // तमिलनाडु के करूर जिले में अभिनेता से नेता बने थलपति विजय की चुनावी रैली के दौरान हुए भयानक भगदड़ में अब तक 39 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 51 लोग गंभीर रूप से घायल हैं और आईसीयू में भर्ती हैं। इस हादसे की गंभीरता को देखते हुए मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

अभिनेता विजय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने पहले रिएक्शन में इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, “मेरा दिल टूट गया है। मैं असहनीय, अवर्णनीय दर्द और शोक में तड़प रहा हूं, जिसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। करूर में अपनी जान गंवाने वाले मेरे प्यारे भाइयों और बहनों के परिवारों के प्रति मैं अपनी गहरी संवेदना और सहानुभूति व्यक्त करता हूं। मैं अस्पताल में इलाज करा रहे लोगों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।”

विजय ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए विशेष प्रार्थना की और उम्मीद जताई कि सभी घायल जल्द से जल्द सामान्य जीवन में लौटेंगे।
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की प्रतिक्रिया और राहत कार्य
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने देर रात करूर पहुंचकर भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से मुलाकात की और अस्पताल में भर्ती घायलों की स्वास्थ्य स्थिति का हाल जाना। मृतकों में 16 महिलाएं और 10 बच्चे शामिल हैं। मृतकों के परिवारों को मुख्यमंत्री लोक राहत कोष से 10-10 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। वहीं अस्पताल में भर्ती प्रत्येक घायल को 1-1 लाख रुपये की मदद दी जाएगी।

इस घटना की गहन जांच के लिए सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय की न्यायाधीश जस्टिस अरुणा जगदीसन के नेतृत्व में एक सदस्यीय जांच आयोग गठित किया गया है।
कानूनी कार्रवाई और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (ADGP), लॉ एंड ऑर्डर, एस. डेविडसन देवासिर्वथम ने बताया कि पुलिस ने इस हादसे से संबंधित मामला दर्ज कर लिया है और प्रारंभिक जांच पूरी करने के बाद ही विस्तृत रिपोर्ट साझा की जाएगी।
इस बीच, तमिलनाडु बीजेपी ने करूर भगदड़ पर दुख व्यक्त करते हुए अगले दो दिनों के सभी निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। पार्टी ने अपने आधिकारिक पोस्ट में कहा कि यह घटना हृदय विदारक है और इसके प्रभाव से उबरना मुश्किल है।
राष्ट्रीय और सामाजिक स्तर पर चिंता
करूर की इस भयंकर भगदड़ ने न केवल तमिलनाडु बल्कि पूरे देश को झकझोर दिया है। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य तेजी से जारी हैं। घटना ने सार्वजनिक सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के महत्व पर एक बार फिर ध्यान केंद्रित किया है।



