यूएन में एस. जयशंकर का कड़ा हमला: पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलेगी मुंहतोड़ प्रतिक्रिया, 10 अहम बिंदुओं में समझें

जयशंकर का UNGA भाषण: आतंकवाद और पाकिस्तान पर भारत की सख्त चेतावनी
नई दिल्ली (शिखर दर्शन) // भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार रात संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए विश्व समुदाय को आतंकवाद और वैश्विक सुरक्षा के मुद्दों पर स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देशों को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे और किसी भी तरह की गलत हरकत का भारत मुंहतोड़ जवाब देगा।
जयशंकर ने अपने भाषण में “इंडिया” शब्द का प्रयोग करते हुए कहा कि भारत पड़ोसी देशों में आतंकवादियों की खुलेआम प्रशंसा और उनके ठिकानों की उपस्थिति को लेकर सतर्क है। उन्होंने पाकिस्तान पर अप्रत्यक्ष लेकिन सख्त निशाना साधते हुए कहा कि कई दशकों से बड़े अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी हमलों की जड़ें उसी देश से जुड़ी हुई हैं।
मुख्य बिंदु – भारत ने पाकिस्तान को UN में कैसे किया बेनकाब:
- जयशंकर ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले देशों को कोई माफ नहीं करेगा और उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
- उन्होंने इस साल पहलगाम में हुए निर्दोष पर्यटकों की हत्या का उदाहरण देते हुए इसे पाकिस्तान की ‘सीमा पार बर्बरता’ बताया।
- पाकिस्तान को ‘वैश्विक आतंकवाद का केंद्र’ बताते हुए जयशंकर ने कहा कि कई अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घटनाओं के तार सीधे पाकिस्तान से जुड़े हैं।
- भारत के संयुक्त राष्ट्र मिशन की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने पाकिस्तान के दावों का मजाक उड़ाया और कहा कि परमाणु ब्लैकमेल के नाम पर आतंकवाद को भारत कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।
- जयशंकर ने कहा कि पाकिस्तान में आतंकवादी औद्योगिक पैमाने पर काम कर रहे हैं और उन्हें सार्वजनिक रूप से महिमामंडित किया जाता है।
- उन्होंने आतंकवाद के वित्तपोषण और प्रमुख आतंकियों पर प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
- जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद जातिवाद, हिंसा, असहिष्णुता और डर को बढ़ाता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बेहद जरूरी है।
- उन्होंने कहा कि आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस होना चाहिए और आतंक को प्रायोजित करने वाले राष्ट्रों को इसका परिणाम भुगतना होगा।
अन्य प्रमुख बिंदु:
- जयशंकर ने सुरक्षा परिषद के सुधार और स्थायी एवं अस्थायी सदस्यता के विस्तार की आवश्यकता पर जोर दिया।
- उन्होंने वैश्विक व्यापार, टैरिफ अस्थिरता और बाजार की अनिश्चितता पर चिंता जताई।
- जयशंकर ने कहा कि वैश्वीकरण के युग में विकास संबंधी लक्ष्य और जलवायु परिवर्तन वैश्विक प्राथमिकताएं बन गए हैं, जबकि व्यापार और स्वास्थ्य तक पहुंच को वैश्विक कल्याण के लिए अनिवार्य माना जाना चाहिए।
विदेश मंत्री के इस भाषण ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की स्थिति को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया और पाकिस्तान को आतंकवाद के मामलों में बेनकाब कर दिया।



