मेडिकल कॉलेज में चूहों का हमला, मानसिक रोगियों और अटेंडर के पैर कुतरे, गंभीर रूप से घायल

जबलपुर (शिखर दर्शन) // नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चूहों की लापरवाही ने मरीजों और अस्पताल प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। मानसिक रोग विभाग में भर्ती दो मरीजों और एक अटेंडर के पैर चूहों ने काट लिए, जिससे अस्पताल की सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं।
जानकारी के अनुसार, मानसिक रोग विभाग के रेनोवेशन के चलते मरीजों को अस्थायी रूप से ऑर्थोपेडिक विभाग में शिफ्ट किया गया था। इसी दौरान रात के समय चूहों ने हमला किया। पीड़ितों में सिहोरा की रजनी बेन, गोटेगांव की सरोज मेहरा और उनके बेटे जगदीश मेहरा शामिल हैं, जिनके पैरों पर गहरे घाव हुए हैं। परिजनों का कहना है कि वार्ड में चूहों की संख्या अधिक है और वे रात के समय मरीजों को निशाना बनाते हैं।
यह घटना हाल ही में कलेक्टर के निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों के बाद उजागर हुई। निरीक्षण में पेस्ट कंट्रोल और सफाई में लापरवाही पाई गई थी, जिसके बाद अधीक्षक को कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद अस्पताल अधीक्षक ने सफाई और पेस्ट कंट्रोल की जिम्मेदारी संभालने वाली HLL इंफ्रा टेक कंपनी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
घटना की गहन जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है, जो तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पतालों में सफाई की कमी और कचरे का ढेर चूहों की संख्या बढ़ाने का मुख्य कारण है।
अब सवाल उठ रहा है कि क्या यह जुर्माना और जांच से अस्पताल की व्यवस्था में सुधार होगा, या मरीजों की सुरक्षा पर लापरवाही जारी रहेगी। इस तरह के मामले इससे पहले इंदौर में भी सामने आ चुके हैं।



