जिला अस्पताल में मरीज की मौत पर हंगामा, इंजेक्शन को बताया जानलेवा

दुर्ग (शिखर दर्शन) // जिले के जिला अस्पताल में एक बार फिर मरीज के इलाज में लापरवाही देखने को मिली। चूहा मारने की दवा खाने के बाद अस्पताल में भर्ती युवक प्रभात सूर्या की डिस्चार्ज से पहले दी गई इंजेक्शन ने उसकी जान ले ली। युवक की अचानक मौत की खबर सुनकर परिजन और मोहल्लेवाले अस्पताल परिसर में हंगामा कर गए।
जानकारी के अनुसार, सिद्धार्थनगर के रहने वाले प्रभात सूर्या ने चूहा मारने की दवा खा ली थी। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। रातभर उपचार जारी रहा और डॉक्टरों ने परिजनों को आश्वस्त किया कि युवक खतरे से बाहर है।
लेकिन बुधवार सुबह डॉक्टरों ने उल्टी कराने के लिए लगाया गया इंजेक्शन प्रभात के लिए जानलेवा साबित हुआ। कुछ ही देर में उसकी तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल स्टाफ ने उसकी मौत की सूचना दी। मृतक के भाई निखिल सूर्या ने आरोप लगाया कि समय पर सही इलाज मिलने पर प्रभात की जान बचाई जा सकती थी।

परिजनों के हंगामे के बीच अन्य मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्टाफ कामकाज छोड़कर चले जाने से मरीज ओपीडी पर्ची कटाने के लिए घंटों इंतजार करते रहे।
इस बीच अस्पताल प्रबंधन ने पूर्व विधायक अरुण वोरा की मौजूदगी में परिजनों को आश्वासन दिया कि मामले की जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल में सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।



