दिल्ली

पीएम मोदी का पांच राज्यों का दौरा आज से, मणिपुर में देंगे शांति और विकास का संदेश

नई दिल्ली ( शिखर दर्शन ) // प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार से अपने पांच राज्यों के महत्वपूर्ण दौरे की शुरुआत मणिपुर से करेंगे। यह दौरा खास है क्योंकि दो साल पहले मैतेई और कुकी समुदायों के बीच भड़के जातीय संघर्ष के बाद प्रधानमंत्री पहली बार मणिपुर पहुंच रहे हैं। मणिपुर के मुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल ने इस दौरे की आधिकारिक घोषणा की है।

मणिपुर में शांति बहाली की कोशिश

मोदी का यह दौरा केवल विकास योजनाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जातीय तनाव कम करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम होगा। वे इंफाल (मैतेई बहुल क्षेत्र) और चुड़ाचांदपुर (कुकी बहुल क्षेत्र) दोनों जगह जनसभाएं करेंगे। प्रधानमंत्री हिंसा से प्रभावित और विस्थापित लोगों से मुलाकात कर उन्हें भरोसा दिलाएंगे कि विकास और सुरक्षा सबके लिए समान है।

विपक्ष की आलोचनाओं के बीच दौरा

विपक्षी दल लंबे समय से प्रधानमंत्री पर मणिपुर न जाने का आरोप लगाते रहे थे। अब यह यात्रा न केवल आलोचनाओं का जवाब मानी जा रही है, बल्कि इसे शांति और स्थिरता का संदेश देने का भी प्रयास बताया जा रहा है।

विकास की सौगात

  • इंफाल में 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन
  • चुड़ाचांदपुर में 7,300 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की आधारशिला
  • इंफाल में 3,600 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की नींव
  • 2,500 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास
  • मणिपुर इंफोटेक डेवलपमेंट प्रोजेक्ट और नौ वर्किंग वुमेन हॉस्टल की सौगात

कुल मिलाकर प्रधानमंत्री लगभग 13,000 करोड़ रुपये की योजनाएं मणिपुर को देंगे।

राष्ट्रपति शासन और शांति वार्ता

फरवरी 2025 से मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू है। हाल ही में दिल्ली में हुई वार्ताओं के बाद कुकी उग्रवादी गुटों ने ‘सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन’ समझौते पर हस्ताक्षर किए। कुकी संगठनों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-2 समेत सभी मार्ग खोलने पर सहमति जताई, जिससे सामान्य जनजीवन बहाल होने लगा है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए इंफाल के कांगला किले और चुड़ाचांदपुर के पीस ग्राउंड में केंद्रीय व राज्य बलों की बड़ी तैनाती की गई है। दोनों जगहों पर भव्य मंच तैयार किए गए हैं। प्रमुख कुकी-ज़ो संगठनों ने इस यात्रा का स्वागत करते हुए इसे “ऐतिहासिक अवसर” बताया है।

आगे का कार्यक्रम

  • असम (13-14 सितंबर): भूपेन हजारिका के जन्म शताब्दी समारोह में शामिल होंगे और 18,500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे।
  • पश्चिम बंगाल (15 सितंबर): कोलकाता में 16वीं संयुक्त कमांडर कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करेंगे।
  • बिहार: पूर्णिया में नए हवाई अड्डे टर्मिनल का उद्घाटन, राष्ट्रीय मखाना बोर्ड का शुभारंभ और 3,600 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इनमें भागलपुर के पीरपैंती में 2400 मेगावाट का थर्मल पावर प्लांट और कोशी-मेची नदी को जोड़ने वाली अंतरराष्ट्रीय परियोजना शामिल है।

प्रधानमंत्री का यह दौरा न केवल पूर्वोत्तर बल्कि पूर्वी भारत में भी विकास और राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।


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