बस्तर दशहरा में पहली बार शामिल होंगे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुरिया दरबार में सुनेंगे जनता की समस्याएं, नक्सल उन्मूलन पर होगी चर्चा

रायपुर (शिखर दर्शन) // छत्तीसगढ़ का विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा उत्सव इस बार ऐतिहासिक बनने जा रहा है। राज्य गठन के बाद पहली बार केंद्रीय गृह मंत्री बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में शामिल होंगे और सीधे जनता की समस्याएं सुनेंगे।
बस्तर सांसद एवं दशहरा कमेटी के अध्यक्ष महेश कश्यप ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को आमंत्रण दिया था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। शाह 4 नवंबर को बस्तर आएंगे और करीब 3 घंटे रुकेंगे। इस दौरान वे मिशन 2026 के तहत नक्सल उन्मूलन अभियान पर चर्चा करेंगे। खास बात यह है कि उनके आगमन के समय मुरिया दरबार का आयोजन रहेगा, जहां वे जनता की बात सुनेंगे।
मुख्यमंत्री और बड़े नेता भी होंगे शामिल
मुरिया दरबार का आयोजन 4 अक्टूबर को सिरहासार भवन में किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, प्रदेश मंत्रिमंडल के मंत्री, बस्तर संभाग के जनप्रतिनिधि एवं अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। राजधानी रायपुर में बुधवार को सांसद महेश कश्यप ने मुख्यमंत्री को उत्सव में शामिल होने का आमंत्रण दिया, जिसके दौरान यह पुष्टि हुई कि केंद्रीय गृह मंत्री भी इस बार बस्तर दशहरा का हिस्सा होंगे।
बस्तर दशहरा का महत्व
बस्तर दशहरा केवल धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह आदिवासी परंपराओं, सामाजिक समरसता और जनसंवाद का प्रतीक है। मुरिया दरबार में आमजन अपनी समस्याएं और सुझाव सीधे प्रशासन व जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाते हैं। अमित शाह की मौजूदगी से इस बार का आयोजन और भी खास हो जाएगा, क्योंकि पहली बार कोई केंद्रीय मंत्री इस दरबार में जनता से संवाद करेगा।
क्या आप चाहेंगे कि मैं इसमें बस्तर दशहरे के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व (400 साल से अधिक पुरानी परंपरा, राजा पुरूषोत्तम देव की शुरुआत आदि) भी जोड़ दूं ताकि यह और समृद्ध लगे ?



