रायगढ़ हत्याकांड : पति-पत्नी और दो बच्चों की नृशंस हत्या के पीछे पैतृक जमीन ! बरामद हथियारों पर टिकी जांच, रिश्तेदारों से हो रही पूछताछ

रायगढ़ ( शिखर दर्शन ) // छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के खरसिया थाना क्षेत्र के राजीव नगर में हुए चार हत्याओं के मामले ने पूरे जिले को हिला दिया है। घर की बाड़ी से एक ही परिवार के चार सदस्यों—पति, पत्नी और उनके दो बच्चों के शव मिलने के बाद इलाके में सन्नाटा पसरा है। खून के धब्बों और दबे शवों के बीच पुलिस अब इस वारदात की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
तीन टीमों को सौंपी गई जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तीन अलग-अलग जांच टीमों का गठन किया है। हर टीम अलग-अलग पहलू पर काम कर रही है—
- घटनास्थल से बरामद हथियारों की फॉरेंसिक जांच
- रिश्तेदारों से पूछताछ
- जमीन विवाद और आर्थिक लेन-देन की पड़ताल
घटनास्थल से बरामद हुए हथियार
मकान से जो हथियार मिले हैं, उनकी लिस्ट भी चौंकाने वाली है। पुलिस ने मौके से राड़, हसिया, फावड़ा, गैती और कुल्हाड़ी जब्त किए हैं। शुरुआती आशंका है कि इन्हीं औजारों से परिवार की हत्या की गई है।

रिश्तेदारों से पूछताछ
वारदात के बाद पुलिस ने मृतक परिवार के दो से तीन रिश्तेदारों को हिरासत में लिया है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि कहीं अंदरूनी विवाद, आपसी खटास या पारिवारिक रंजिश तो इस हत्याकांड की वजह नहीं बनी।
जमीन विवाद बड़ा सुराग
जांच में एक बड़ा सुराग जमीन सौदे से जुड़ा सामने आया है। मृतक बुधराम ने महज चार दिन पहले घरघोड़ा की पैतृक जमीन एक उद्योग को बेची थी। इसके बदले उसे 5 लाख रुपये मिल चुके थे, जबकि शेष रकम मिलना बाकी थी। पुलिस यह जांच कर रही है कि कहीं इसी सौदेबाजी और आर्थिक लेन-देन ने इस खून-खराबे को जन्म तो नहीं दिया।
इलाके में दहशत, लोग हैरान
राजीव नगर की गलियों में वारदात के बाद खौफ का माहौल है। पड़ोसी कहते हैं, “कौन इतना बेरहम हो सकता है जो पूरे परिवार को मौत के घाट उतारकर शवों को आंगन में दबा दे ?”
खरसिया का यह हत्याकांड अब जमीन विवाद, पारिवारिक रिश्तों और आपसी रंजिश के बीच उलझा हुआ है। पुलिस की जांच से हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। अब सबकी नजर इसी पर है कि आखिर इस खूनी खेल का असली मास्टरमाइंड कौन है।



