नेपाल हिंसा: पूर्व पीएम झलनाथ खनाल की पत्नी को भीड़ ने जिंदा जलाया, कांतिपुर टीवी मुख्यालय में आगजनी और बैंकों में लूटपाट

नेपाल / काठमांडू / (शिखर दर्शन) // नेपाल में Gen-Z प्रदर्शनों ने भयावह और हिंसक रूप ले लिया है। राजधानी काठमांडू समेत कई शहरों में सोमवार से शुरू हुए विरोध ने अब तांडव मचा दिया है। प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने पूर्व प्रधानमंत्री झलनाथ खनाल के घर पर हमला बोला और आग लगा दी। इस हमले में उनकी पत्नी राज्यलक्ष्मी चित्रकार को गंभीर रूप से जला दिया गया, जिनकी इलाज के दौरान कीर्तिपुर बर्न अस्पताल में मौत हो गई। यह घटना काठमांडू के दल्लू स्थित उनके आवास पर हुई।
पूर्व पीएम को सेना ने बचाया
सूत्रों के अनुसार, आगजनी के वक्त खनाल अपने बेटे निर्भीक खनाल के साथ घर पर मौजूद थे। नेपाली सेना ने समय रहते उन्हें बचा लिया, लेकिन उनकी पत्नी को प्रदर्शनकारियों ने घर के अंदर घेर लिया था। पहले उन्हें सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया, बाद में गंभीर हालत में कीर्तिपुर भेजा गया, जहां उनका निधन हो गया।
पूर्व पीएम शेर बहादुर देउबा और पत्नी पर हमला
प्रदर्शनकारियों का गुस्सा यहीं नहीं थमा। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा और उनकी पत्नी आरजू राणा पर भी हमला किया। काठमांडू के बुधनीलकांठा स्थित आवास पर धावा बोलकर भीड़ ने दोनों की बेरहमी से पिटाई की और आरजू राणा को जिंदा जलाने की कोशिश की। एक वायरल वीडियो में शेर बहादुर देउबा को लहूलुहान हालत में प्रदर्शनकारियों से बचकर भागते हुए देखा जा सकता है।
संसद, सुप्रीम कोर्ट और मीडिया संस्थान को बनाया निशाना
उग्र भीड़ ने देश की संसद और सुप्रीम कोर्ट भवन को आग के हवाले कर दिया। वहीं, काठमांडू स्थित प्रमुख मीडिया संस्थान कांतिपुर टीवी मुख्यालय में भी आगजनी की गई। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में इमारत से धुआं और लपटें उठती नजर आईं।
बैंकों में लूटपाट
इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने बैंकों को भी निशाना बनाया और कई जगहों पर लूटपाट की। लगातार बढ़ रही हिंसा ने पूरे देश को दहशत में डाल दिया है। फिलहाल नेपाल सरकार या सुरक्षा एजेंसियों की ओर से इन घटनाओं पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।



