झंडा विवाद में प्रधान आरक्षक और आरक्षक लाइन अटैच, दो लोगों के खिलाफ FIR दर्ज

दुर्ग (शिखर दर्शन) // जिले के मचांदुर गांव में भगवा झंडा लगाने को लेकर हुए विवाद में प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। सेना जवान कौशल निषाद के घर भगवा झंडा लगाने के बाद हुए विवाद में शामिल प्रधान आरक्षक और आरक्षक को लाइन अटैच कर दिया गया है, जबकि दो व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
ईद मिलादुन्नबी के दौरान शुरू हुआ विवाद

मचांदुर गांव के उस मोहल्ले में जहां यह विवाद हुआ, वहां 40 मुस्लिम परिवार और केवल 2 हिंदू परिवार निवास करते हैं। बीते 5 सितंबर को ईद मिलादुन्नबी पर्व के अवसर पर मोहल्ले में हरे झंडों की सजावट की गई थी। इसी दौरान जवान कौशल निषाद ने अपने घर पर भगवा झंडा लगाया। जब दो पुलिसकर्मियों ने झंडा हटाने का अनुरोध किया, तो निषाद परिवार ने इंकार कर दिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों और निषाद परिवार के बीच गाली-गलौज और धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान जवान की मां के हस्तक्षेप से पुलिसकर्मी वहां से लौट गए।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, हिंदू संगठनों ने जताया विरोध
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हिंदू संगठनों और भाजयुमो ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही आरोप लगाया कि ग्राम मचांदूर के उस क्षेत्र में कुछ मुस्लिम परिवार अवैध रूप से बसे हैं, जिनकी जांच कर उचित कार्रवाई की जाए, अन्यथा उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।

गृहमंत्री ने स्पष्ट किया: “ध्वज हम वहीं लगाएंगे”
बीते मंगलवार उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि “भारत की धर्म-आस्था पर कोई हस्तक्षेप होगा तो आवाज उठेगी। हमारी बात स्पष्ट है कि ध्वज हम वहीं लगाएंगे।” इसके बाद भाजयुमो अध्यक्ष राहुल टिकरिहा सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ जवान के घर पहुंचे और भगवा झंडा फहराया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने “जय श्री राम” के नारे लगाए और सुरक्षा बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
प्रशासन ने की कार्रवाई
मचांदुर झंडा विवाद में शामिल प्रधान आरक्षक महेश देवांगन और आरक्षक रामकृष्ण दास को लाइन अटैच कर दिया गया है। वहीं, मामले से जुड़े मोहम्मद खान और असलम खान (पिता राशिद खान) के खिलाफ धारा 296, 351(3) और 3(5) के तहत FIR दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त असलम खान पर धारा 75 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।



