8 सितंबर: महाकाल भस्म आरती – घर बैठे करें भगवान महाकालेश्वर के गणेश रूपी श्रृंगार का दर्शन
उज्जैन ( शिखर दर्शन ) // विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में अश्विन माह कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि सोमवार सुबह 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए। सबसे पहले भगवान महाकाल का जल से अभिषेक किया गया, इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन-अभिषेक किया गया।
सोमवार को महाकाल का दिव्य श्रृंगार किया गया। बाबा को भस्म चढ़ाई गई, शेषनाग का रजत मुकुट और रजत की मुण्डमाल पहनाई गई। इसके साथ रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों की माला बाबा के गले में डाली गई। फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया और भगवान महाकाल को आभूषणों से आकर्षक रूप में सजाया गया।
अल सुबह आयोजित भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया। भक्तों ने नंदी महाराज का दर्शन कर उनके कान के समीप जाकर अपनी मनोकामनाओं के पूर्ण होने का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान पूरा मंदिर “जय महाकाल” के उद्घोषों से गूंज रहा था।



