जबलपुर मेडिकल कॉलेज की बदहाल व्यवस्था: सुपर स्पेशलिटी वार्ड में जमीन पर इलाज
जबलपुर (शिखर दर्शन) // मध्य प्रदेश के जबलपुर संभाग के सबसे बड़े नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज परिसर में बने सुपर मल्टी स्पेशलिटी वार्ड की हालत बद से बदतर हो गई है। यहां बीमारी के सीजन में मरीजों की संख्या इतनी बढ़ गई है कि न तो आईसीयू में जगह बची है और न ही जनरल वार्ड में। हालात यह हैं कि न्यूरो विभाग में भर्ती होने आए मरीजों को मजबूरन जमीन पर लिटाकर इलाज किया जा रहा है।
न्यूरो मरीजों की सबसे ज्यादा भीड़
कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी वार्ड में सबसे ज्यादा भीड़ न्यूरो मरीजों की है। इनमें अधिकतर लोग जबलपुर के साथ-साथ डिंडोरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी और नरसिंहपुर जैसे जिलों से आते हैं। बेड की कमी और मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या के चलते न तो उन्हें समय पर वार्ड में जगह मिल पा रही है और न ही उचित सुविधा।

आसपास के जिलों का दबाव
जबलपुर संभाग में नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज ही एकमात्र बड़ा चिकित्सा केंद्र है। यही वजह है कि आसपास के 8 से 10 जिलों के गंभीर मरीज यहां का रुख करते हैं। जरूरत से ज्यादा मरीजों के आने से जहां अस्पताल की व्यवस्था चरमराई हुई है, वहीं चिकित्सकों और स्टाफ पर भी अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। नतीजतन मरीजों को समय पर और बेहतर इलाज मिलना मुश्किल हो रहा है।



