स्कूल में तांत्रिक क्रिया : शिक्षक दिवस की रात कोयल की बलि, फैली दहशत

शिक्षक दिवस की रात अंधविश्वास का खेल
विशेष संवाददाता मुकेश कनोजिया की रिपोर्ट :
दुर्ग (शिखर दर्शन) // दुर्ग जिले के बोरसी स्थित शासकीय स्कूल में शिक्षक दिवस की रात असामाजिक तत्वों ने तांत्रिक क्रिया करते हुए कोयल की बलि चढ़ा दी। सुबह जब शिक्षक और छात्र पहुंचे तो खून, नींबू और सिंदूर के निशान देखकर सहम गए। घटना से स्कूल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। शिकायत पर पुलिस जांच में जुटी है।
सुबह स्कूल खुलते ही स्टाफ रूम के बाहर खून से सना पक्षी, नींबू, सिंदूर और रंगोली के निशान देखकर शिक्षक और छात्र सहम गए। घटना की सूचना मिलते ही शिक्षकों ने वीडियो बनाकर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) राजेश्वरी चंद्राकर को भेजा। बच्चों का भय दूर करने के लिए शिक्षकों ने बैगा को बुलाकर नींबू-अगरबत्ती से पूजा करवाई। बाद में छात्रों को समझाकर उनका डर मिटाने का प्रयास किया गया।

डीईओ अरविंद मिश्रा ने बीईओ के माध्यम से इस पूरे मामले की शिकायत पदमनाभपुर थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने स्कूल और आसपास लगे CCTV फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। फिलहाल, आरोपी तांत्रिक और घटना को अंजाम देने वाला अज्ञात है।
इस घटना पर बीईओ राजेश्वरी चंद्राकर ने कहा कि “यह कृत्य शरारती तत्वों का है। वे अंधविश्वास फैलाना चाहते हैं। बच्चों और शिक्षकों को समझा दिया गया है और मामला पुलिस को सौंप दिया गया है।”



