सड़क पर मवेशी को बचाने के चक्कर में कार पेड़ से टकराई, महिला की मौत, पति गंभीर रूप से घायल…

बिलासपुर ( शिखर दर्शन ) // छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में गुरुवार को सकरी थाना क्षेत्र के भरनी के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। अचानक सड़क पर आए मवेशी को बचाने के प्रयास में कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। इस दुर्घटना में कार सवार महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका पति गंभीर रूप से घायल है। कार मे सवार उनकी बहू और मासूम बच्ची भी घायल हुईं, लेकिन उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चालक गाय को बचाने की कोशिश में कार पर नियंत्रण खो बैठा और यह भीषण टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया।

यह घटना स्पष्ट करती है कि मवेशी खुद गलती करते तो है पर इसके पीछे असली जिम्मेदारी मवेशी पालकों और ग्रामीणों की है, जो अपने जानवरों को खुले में छोड़ देते हैं, और ऐसे हालात पैदा होने के बावजूद भी सामने नहीं आते जिससे की यह पता चल सके की जिस मवेशी के कारण हादसा हुआ उसका मालिक कौन है । खुले में छोड़े गए मवेशी सड़क पर रोज़ दुर्घटना का खतरा बनते हैं, लेकिन समाज और स्थानीय लोग इसे नजरअंदाज करते रहते हैं।
ग्रामीण समाज की भूमिका
सड़कों पर आवारा मवेशियों से होने वाले हादसों को रोकने में ग्रामीण समाज की भूमिका अहम है। केवल शासन-प्रशासन पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। यदि मवेशी पालक और स्थानीय समुदाय ठान लें कि सड़कों पर मवेशियों को खुला नहीं छोड़ा जाएगा, तो ऐसी दुर्घटनाओं में काफी कमी लाई जा सकती है। यह सामूहिक जिम्मेदारी है, क्योंकि हादसे में हानि केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का होती है।

अब वक्त क्या मांगता है
यह हादसा केवल दुखद घटना नहीं, बल्कि चेतावनी भी है। अब वक्त यही मांगता है कि मवेशी पालक, ग्रामीण और प्रशासन मिलकर ठोस कदम उठाएं, जागरूकता बढ़ाएं और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करें। केवल हादसे के बाद अफसोस करने से कोई सुरक्षा नहीं आएगी। सुरक्षा सुनिश्चित करना अब सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, बल्कि कर्तव्य बन चुका है।



