मितानिनों का प्रदेशव्यापी आंदोलन: NH-130 जाम, रायपुर कूच से पहले प्रशासन ने रोका, स्वास्थ्य मंत्री ने वेतन वृद्धि का दिया आश्वासन
गरियाबंद ( शिखर दर्शन ) // छत्तीसगढ़ के प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ और प्रशिक्षक कल्याण संघ (MITANIN STRIKE) की प्रदेशव्यापी हड़ताल आज उग्र हो गई। 7 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठीं मितानिनें गुरुवार को राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री निवास घेराव के लिए अलग-अलग जिलों से रवाना हुईं। लेकिन प्रशासनिक टीमों ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। गरियाबंद में नाराज मितानिनों ने नेशनल हाइवे 130 पर जाम लगा दिया, जिससे यातायात ठप हो गया। प्रदेश के अन्य जिलों से भी इसी तरह की तस्वीरें सामने आ रही हैं।
72 हजार मितानिनों की तीन सूत्रीय मांगें
इस आंदोलन में 72 हजार मितानिन, 3250 प्रशिक्षक, 280 हेल्प डेस्क फैसिलिटेटर और 292 ब्लॉक कोऑर्डिनेटर शामिल हैं। उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

- एनएचएम स्वीकृत पदों पर एनजीओ ठेका प्रथा का अंत।
- मितानिन कार्यक्रम के सभी कार्यकर्ताओं का राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) में संविलियन।
- वेतन में 50% वृद्धि।
“सरकार कर रही है दमन” – सरोज सेंगर
मितानिन संघ की अध्यक्ष सरोज सेंगर ने आरोप लगाया कि सरकार आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा,
“हम 3 अगस्त से हड़ताल पर हैं और आज रायपुर पहुंचकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने वाले थे। लेकिन बीती रात से ही प्रशासन ने हमें रोक दिया। हमारी गाड़ियों को जगह-जगह रोका जा रहा है और चालान काटे जा रहे हैं। जब तक हमारी आवाज राजधानी तक नहीं पहुंचेगी, हम सड़क पर डटी रहेंगी।”
स्वास्थ्य मंत्री का बयान
वहीं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मितानिनों की मांगों पर कहा कि सरकार उनके हितों को लेकर गंभीर है। उन्होंने साफ किया,
“मितानिन संघ की दो बड़ी मांगें हैं। एक मांग को पूरा करना संभव नहीं है, लेकिन सरकार के घोषणा पत्र में 50% वेतन वृद्धि का वादा किया गया था, जिसे हम पूरा करेंगे।”



