दक्षिण छत्तीसगढ़ में भारी वर्षा के आसार, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट…
रायपुर ( शिखर दर्शन ) // बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र का असर छत्तीसगढ़ में दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। वहीं, दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिलों में भारी से अति भारी वर्षा और वज्रपात की चेतावनी दी गई है।
पिछले 24 घंटों में बिलासपुर, सरगुजा, रायपुर और बस्तर संभागों के कई स्थानों पर वर्षा दर्ज की गई। इस दौरान कुछ इलाकों में भारी बारिश हुई। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान दुर्ग में 31.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान राजनांदगांव में 20.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम वैज्ञानिक एच.पी. चंद्रा के अनुसार, उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तर तटीय उड़ीसा के पास सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र के साथ ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण 7.6 किमी ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसका असर उत्तर उड़ीसा, झारखंड और उत्तर छत्तीसगढ़ के हिस्सों में सबसे अधिक देखने को मिल सकता है।
इसी तरह मानसून द्रोणिका बीकानेर, जयपुर, दमोह, पेण्ड्रारोड और संभलपुर होते हुए पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इसके चलते प्रदेश में कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा और दक्षिणी हिस्सों में भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है।
प्रभावित जिले
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि दक्षिण छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के जिलों – दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर, बीजापुर, सुकमा और बस्तर, तथा सरगुजा संभाग के जिलों – जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर और सरगुजा में भारी वर्षा की संभावना सबसे अधिक है। इन जिलों के लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है।
रायपुर का मौसम
राजधानी रायपुर में गुरुवार को आसमान में बादल छाए रहेंगे। यहां गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। तापमान 23 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग की चेतावनी और सावधानियां
- यह अलर्ट अगले 24 घंटे तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान प्रभावित जिलों में भारी से अति भारी वर्षा और वज्रपात की संभावना है।
- भारी वर्षा और वज्रपात के दौरान खुले मैदानों और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
- बिजली उपकरणों और मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतें।
- नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास जाने से परहेज करें।
- यात्रा के दौरान वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं और अनावश्यक यात्रा से बचें।
- ग्रामीण और खेतों में काम करने वाले लोग सुरक्षित स्थान पर रुकें।



