अन्तर्राष्ट्रीय

SCO समिट में मोदी-पुतिन की दोस्ती पर दुनिया की नजर, पहलगाम हमले की निंदा से भारत को बड़ी कूटनीतिक जीत

चीन के तियानजिन में चल रहे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में वैश्विक राजनीति के बदलते समीकरण साफ नजर आए। सात साल बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन पहुंचे, जहां उनकी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ गर्मजोशी भरी मुलाकात ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई हलचल पैदा कर दी।


मोदी-पुतिन एक कार में पहुंचे, अमेरिका की बढ़ी टेंशन

SCO समिट के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा उस पल की रही जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्विपक्षीय वार्ता के लिए एक ही कार में साथ पहुंचे। यह कदम दोनों देशों की गहरी होती दोस्ती का प्रतीक माना जा रहा है। ऐसे समय में जब अमेरिका भारत पर रूसी तेल आयात को लेकर दबाव बना रहा है, मोदी-पुतिन की नजदीकी ने वॉशिंगटन की चिंताओं को और बढ़ा दिया है।


आतंकवाद के खिलाफ भारत की बड़ी जीत

भारत के लिए सम्मेलन की सबसे अहम उपलब्धि SCO घोषणापत्र में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा रही। 22 अप्रैल 2025 को हुए इस हमले में कई निर्दोष लोगों की जान गई थी। घोषणापत्र में सभी देशों ने न केवल हमले की निंदा की, बल्कि शहीदों और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनाएं भी व्यक्त कीं। साथ ही साफ कहा गया कि ऐसे हमलों के दोषियों, आयोजकों और प्रायोजकों को किसी भी हाल में न्याय के कटघरे में लाना होगा।


SCO की आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता

घोषणापत्र में सदस्य देशों ने आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के साथ-साथ ड्रग्स व हथियारों की तस्करी और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ संयुक्त लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया। इसमें दोहराया गया कि आतंकवाद पर दोहरे मापदंड स्वीकार्य नहीं होंगे और सभी आतंकी संगठनों के खिलाफ एक साथ कार्रवाई जरूरी है।

सदस्य देशों ने 22 अप्रैल को पहलगाम, 11 मार्च को जाफ़र एक्सप्रेस और 21 मई को खुजदार में हुए आतंकी हमलों की कड़ी निंदा की।


SCO घोषणापत्र में भारत की पहलों की सराहना

SCO घोषणापत्र में भारत की वैश्विक पहल “एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य” को जगह दी गई। इसके साथ ही नई दिल्ली में आयोजित 5वें SCO स्टार्टअप फोरम (अप्रैल 2025) और 20वें थिंक टैंक फोरम (मई 2025) के सफल आयोजन का भी उल्लेख किया गया।
सदस्य देशों ने भारतीय विश्व मामलों की परिषद (ICWA) के SCO अध्ययन केंद्र की भूमिका और सांस्कृतिक-मानवीय आदान-प्रदान को मजबूत करने में भारत के योगदान की सराहना की।


👉 यह खबर भारत के कूटनीतिक बढ़त, वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ उसकी मजबूती और अंतरराष्ट्रीय मंच पर मोदी-पुतिन-शी की दोस्ती की नई तस्वीर को बखूबी दर्शाती है।


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