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कठुआ में अचानक बाढ़ का कहर: 4 की मौत, 6 घायल, भूस्खलन में एक परिवार मलबे में दबा, पुलिस और SDRF बचाव में जुटी

नई दिल्ली ( शिखर दर्शन ) // जम्मू-कश्मीर के कठुआ ज़िले के घाटी गाँव और आसपास के इलाकों में भारी बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और छह घायल हो गए। यह घटना किश्तवाड़ ज़िले में बादल फटने की आशंका के बीच हुई।

रविवार तड़के घाटी के पास जुथाना जोड़ में भूस्खलन के कारण एक परिवार मलबे में दबने की संभावना जताई जा रही है। उसी समय राजबाग़ क्षेत्र और घाटी के आसपास के दो अन्य स्थानों पर भी बाढ़ से गाँवों तक पहुँचने के रास्ते बंद हो गए।

पुलिस और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीम स्थानीय लोगों के साथ बचाव कार्य में जुटी हुई है। अधिकारियों के अनुसार चार लोगों के शव बरामद किए गए हैं, जबकि छह को घायल अवस्था में बचाया गया।

भारी बारिश से औद्योगिक क्षेत्र, केंद्रीय विद्यालय परिसर और जंगलोट स्थित पुलिस थाने में पानी भर गया। रेलवे ट्रैक और सड़कें प्रभावित हुई हैं। जिला पुलिस प्रमुख शोभित सक्सेना ने बताया कि अचानक आई बाढ़ के कारण मृतकों की संख्या चार हुई और सेना को भी स्थिति पर तुरंत कार्रवाई के लिए सूचित कर दिया गया।

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, बादल फटना तकनीकी रूप से अचानक एक घंटे में 100 मिमी से अधिक बारिश को कहा जाता है। पिछले दिनों हुई भारी बारिश के कारण सहार खड्ड और उझ नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा था, जिससे रविवार तड़के उझ नदी में अचानक बाढ़ आ गई।

कठुआ के बागड़ और चांगडा गाँवों तथा लखनपुर थाना क्षेत्र के दिलवान-हुतली में भी भूस्खलन हुआ, लेकिन बड़े नुकसान की खबर नहीं है। इससे पहले किश्तवाड़ ज़िले के चसोती गाँव में अचानक आई बाढ़ में कम से कम 60 लोग मारे गए थे।

भारतीय सेना, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), सीमा सड़क संगठन (BRO), पुलिस और स्थानीय प्रशासन मिलकर बचाव अभियान चला रहे हैं।

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