बाबा महाकाल का तिरंगा तिलक श्रृंगार, महाकालेश्वर मंदिर में गूंजे जयकारे, आजादी के उत्सव में उमड़ा आस्था का सैलाब

उज्जैन ( शिखर दर्शन ) // स्वतंत्रता दिवस 2025 के अवसर पर विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भाद्रपद कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि पर शुक्रवार तड़के 3 बजे मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए।
सबसे पहले भगवान महाकालेश्वर का जल से अभिषेक किया गया, जिसके बाद दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से विशेष पूजन संपन्न हुआ।

इस अवसर पर बाबा महाकाल का तिरंगा रूप में तिलक कर अद्भुत श्रृंगार किया गया। भगवान को भस्म अर्पित की गई और शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों की माला पहनाई गई। ड्रायफ्रूट से आकर्षक सजावट कर उन्हें फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया।

सुबह की भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। भक्तों ने नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामनाएं व्यक्त कीं और आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान मंदिर परिसर “हर हर महादेव” और “जय श्री महाकाल” के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक उत्साह और देशभक्ति के रंग में रंग गया।



