हिमाचल और जम्मू के किश्तवाड़ में बादल फटने से तबाही: पुल बहे, सड़कें बंद, 15 से अधिक की मौत, 2031 करोड़ का नुकसान

हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बुधवार को बादल फटने की घटनाओं ने भारी तबाही मचा दी। हिमाचल में कुल्लू जिले के निरमंड उपमंडल की श्रीखंड पहाड़ी और बंजार उपमंडल की तीर्थन घाटी की बाथाध पहाड़ी पर बादल फटे, जिससे नदियों में अचानक बाढ़ आ गई और कई पुल बह गए। रामपुर क्षेत्र के नंटी में भी बादल फटने से नुकसान हुआ। लाहौल-स्पीति जिले की याड घाटी में करपट, चंगुत और उदगोश के नालों में आई बाढ़ में दो पुल बह गए। कुल्लू में तीर्थन नदी किनारे बने कॉटेज और कुछ वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। फिलहाल कुल्लू में किसी जनहानि की खबर नहीं है, लेकिन 325 सड़कें, जिनमें दो राष्ट्रीय राजमार्ग शामिल हैं, यातायात के लिए बंद हैं।

दूसरी ओर, जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चशोटी गांव में बादल फटने से बड़ा हादसा हुआ। यहां मचैल माता की धार्मिक यात्रा के लिए जुटे कई लोग बाढ़ के पानी में बह गए। अब तक 15 लोगों की मौत की आशंका जताई गई है, जबकि मृतकों की संख्या बढ़ने की संभावना है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि प्रशासन रेस्क्यू कार्य में जुटा है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
लगातार बारिश ने हिमाचल प्रदेश को भारी आर्थिक नुकसान भी पहुंचाया है। 20 जून से अब तक राज्य को 2031 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इस मानसून सीज़न में अब तक बारिश से जुड़े हादसों में 126 लोगों की मौत हो चुकी है और 36 लोग लापता हैं।

मौसम विभाग ने हिमाचल के चंबा, कांगड़ा और मंडी जिलों में गुरुवार के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि शुक्रवार से रविवार तक चार से छह जिलों में भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा।



