छत्तीसगढ़ भाजपा की नई प्रदेश टीम घोषित: जातीय-क्षेत्रीय संतुलन के साथ नए-पुराने चेहरों का संगम
रायपुर ( शिखर दर्शन ) // छत्तीसगढ़ भाजपा की नई प्रदेश टीम का ऐलान हो गया है। प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने अनुभवी नेताओं और युवा चेहरों को मिलाकर एक संतुलित टीम तैयार की है। इस टीम में क्षेत्रीय और जातिगत प्रतिनिधित्व का विशेष ध्यान रखते हुए 8 उपाध्यक्ष, 3 महामंत्री, कई मोर्चा प्रकोष्ठों के अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, कार्यालय मंत्री और मीडिया संयोजक की नियुक्तियां की गई हैं। पार्टी का मानना है कि यह टीम संगठन को मजबूती देने के साथ आगामी राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होगी।
महामंत्रियों में अनुभव और रणनीति का मेल
नवीन मारकंडेय को संगठनात्मक अनुभव और अनुसूचित जाति वर्ग से आने के कारण महामंत्री बनाया गया है। वे आरंग के पूर्व विधायक और युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष रह चुके हैं।
यशवंत जैन, जो कुशल रणनीतिकार माने जाते हैं, पूर्व में भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्य बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष रह चुके हैं। वे बालोद जिले से हैं, जहां पार्टी हाल के चुनाव में कमजोर रही थी।
अखिलेश सोनी सरगुजा से आते हैं और ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष व जिला अध्यक्ष रह चुके हैं।
उपाध्यक्षों में सांसद से लेकर पूर्व विधायक तक शामिल
महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी, धमतरी की पूर्व विधायक रंजना साहू, कोटा के प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, जगन्नाथ पाणिग्रही, रामजी भारती, नंदन लाल जैन, जी. वेंकटेश्वर और सतीश लाटिया को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।
मोर्चा प्रकोष्ठों में नए नेतृत्व को मौका
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा बेमेतरा से हैं और एबीवीपी व जिला पंचायत सभापति का अनुभव रखते हैं।
महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी गरियाबंद की हैं, पेशे से वकील और महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री रह चुकी हैं।
ओबीसी मोर्चा का नेतृत्व कवर्धा के पूर्व विधायक अशोक साहू को मिला है।
किसान मोर्चा की कमान कांकेर के आलोक सिंह ठाकुर को सौंपी गई है।
अजा मोर्चा अध्यक्ष बलौदाबाजार के पूर्व विधायक सनम जांगड़े बने हैं।
अजजा मोर्चा अध्यक्ष सूरजपुर के सत्यनारायण सिंह हैं, जो वरिष्ठ भाजपा नेता शिवप्रताप सिंह के बेटे हैं।
अल्पसंख्यक मोर्चा की जिम्मेदारी रायपुर के मखमूर इकबाल खान को दी गई है।
पार्टी सूत्रों का मानना है कि यह संतुलित टीम संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करेगी और आगामी राजनीतिक रणनीति के क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाएगी।
