सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: सागर धनकड़ हत्याकांड में ओलंपियन सुशील कुमार की जमानत रद्द, एक सप्ताह में करना होगा समर्पण
सागर धनकड़ हत्याकांड के मुख्य आरोपी और ओलंपियन पहलवान सुशील कुमार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। देश के शीर्ष न्यायालय ने दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा दी गई जमानत को रद्द करते हुए सुशील को एक सप्ताह के भीतर समर्पण करने का आदेश दिया है। अदालत ने पीड़ित पक्ष की इस दलील को स्वीकार किया कि सुशील की रिहाई से गवाहों को खतरा है।
मामला उस समय सुप्रीम कोर्ट पहुंचा जब सागर के पिता अशोक धनकड़ ने हाईकोर्ट के 4 मार्च 2024 के फैसले को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने गवाहों के परीक्षण में देरी और मुकदमे की धीमी रफ्तार का हवाला देते हुए साढ़े तीन साल से जेल में बंद सुशील कुमार को जमानत दे दी थी।
सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की वकील जोशीनी तुली ने बताया कि सुशील कुमार ने अंतरिम जमानत पर बाहर रहते हुए घायल गवाहों समेत कई सरकारी गवाहों से छेड़छाड़ की, जिसके चलते कई गवाह निचली अदालत में अपने बयान से मुकर गए। साथ ही घटना का वीडियो फुटेज भी मौजूद है। सुप्रीम कोर्ट ने इस तर्क को मानते हुए हाईकोर्ट का आदेश निरस्त कर दिया।
यह मामला 4 मई 2021 का है, जब दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम की पार्किंग में पूर्व जूनियर नेशनल कुश्ती चैंपियन सागर धनकड़ की कथित रूप से सुशील कुमार और उसके साथियों ने पिटाई की थी, जिससे सागर की मौत हो गई थी। मामले में निचली अदालत में अब भी कई सरकारी गवाहों से पूछताछ बाकी है।

