सास को मारी गोली , ‘आटा-साटा’ विवाद में दामाद का कहर , शादी की अदला-बदली बनी खून की वजह , दामाद ने ससुराल में चला दी बंदूक
जोधपुर ( शिखर दर्शन ) // राजस्थान के बोरूंदा थाना क्षेत्र के रावनियाना गांव में ‘आटा-साटा’ कुप्रथा को लेकर चल रहे विवाद ने रविवार रात खूनखराबे का रूप ले लिया। गुस्से में दामाद ने अपने ससुराल में घुसकर फायरिंग कर दी, जिसमें उसकी सास लीलादेवी (50) गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल और बाद में जोधपुर के एमडीएम अस्पताल रेफर किया गया।

पुलिस के अनुसार, आरोपी रामदयाल जलवानियां और कालूराम जाट के परिवार के बीच ‘आटा-साटा’ प्रथा के तहत रिश्ता तय हुआ था। रामदयाल ने अपनी बहन की शादी कालूराम के बेटे से कर दी, लेकिन कालूराम ने अपनी बेटी को रामदयाल के घर भेजने से मना कर दिया। इसी बात को लेकर दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था।
रविवार रात, कालूराम के घर पर लीलादेवी और उनकी बेटी सुमन खाना खा रही थीं, तभी कुत्तों के भौंकने की आवाज सुनकर वे बाहर निकलीं। वहां पहले से घात लगाए बैठे रामदयाल ने बंदूक से फायरिंग कर दी। दो गोलियां लीलादेवी को लगीं—एक दाएं हाथ और दूसरी कंधे पर। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
घायल लीलादेवी ने पुलिस को बताया कि रामदयाल अक्सर अपशब्द कहता था और यही कारण था कि उन्होंने अपनी बेटी को उसके घर भेजने से इनकार किया। घटना के बाद जोधपुर से एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
क्या है ‘आटा-साटा’ कुप्रथा ?
‘आटा-साटा’ राजस्थान और कुछ अन्य इलाकों में प्रचलित एक कुप्रथा है, जिसमें शादी में लड़की की अदला-बदली की जाती है। यदि एक परिवार अपनी बेटी की शादी किसी लड़के से करता है, तो बदले में लड़के के परिवार को अपनी बहन या बेटी की शादी उस परिवार के लड़के से करनी होती है। यह प्रथा अक्सर जबरन रिश्तों और घरेलू विवादों का कारण बनती है, जिससे युवाओं का जीवन प्रभावित होता है।

