मध्यप्रदेश

पिता के कंधे पर बेटी के सपने: स्कूल जाते वक्त नाले को रस्सी के सहारे पार करता भावुक पल, Video वायरल

पिता का फर्ज, सिस्टम पर भारी: रस्सी के सहारे नाले को पार कर बेटी को स्कूल पहुंचाया, वायरल वीडियो ने विकास की सच्चाई उजागर की

खजुराहो (शिखर दर्शन) // “पिता का रुतबा रब के समान है, पिता की उंगली थामे चलें तो रास्ता भी आसान है…”—मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के राजनगर तहसील की ग्राम पंचायत खैरी से सामने आए एक मार्मिक वीडियो ने इस भाव को सच साबित कर दिखाया है।

वीडियो में एक पिता अपनी नन्ही बच्ची को स्कूल पहुँचाने के लिए उसे पीठ पर बैठाकर रस्सी के सहारे उफनते नाले को पार करता दिख रहा है। यह दृश्य न सिर्फ एक पिता के समर्पण को दर्शाता है, बल्कि शासन के तमाम विकास के दावों की पोल भी खोलता है।

ग्राम पंचायत खैरी के चंदन पुरवा समेत आसपास के अन्य पुरवों में रहने वाले करीब 200 ग्रामीण वर्षों से पुल की मांग कर रहे हैं। लेकिन आज तक सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं। हालात ऐसे हैं कि बारिश के दिनों में नाला उफान पर आ जाता है और ग्रामीणों को रस्सियों और खजूर के तनों का सहारा लेकर जान जोखिम में डालनी पड़ती है। गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे और वृद्ध सभी इसी खतरनाक रास्ते से आने-जाने को मजबूर हैं।

वायरल वीडियो में दिख रहे पिता की मजबूरी और हिम्मत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा जाएगा ? कब तक मासूम बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग अपनी जान जोखिम में डालकर रोजमर्रा के कामों के लिए संघर्ष करते रहेंगे ?

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन से पुल निर्माण की मांग की, लेकिन न तो स्थायी समाधान मिला और न ही कोई प्रभावी कार्रवाई। अब मानसून के चलते हालात और भी बदतर हो गए हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे एक तरफ पिता के साहस का प्रतीक बता रहे हैं, तो दूसरी ओर सिस्टम की लाचारी पर सवाल उठा रहे हैं।

यह मामला सिर्फ एक गाँव की कहानी नहीं है, बल्कि यह देश के उन हजारों गांवों की तस्वीर है जहाँ विकास अब भी कागजों तक सीमित है। जरूरत है कि शासन-प्रशासन ऐसे वीडियो को चेतावनी मानते हुए त्वरित और स्थायी समाधान की ओर कदम बढ़ाए, ताकि किसी पिता को अपनी बेटी को स्कूल पहुंचाने के लिए रस्सी और साहस की परीक्षा न देनी पड़े।


Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Don`t copy text!