“ऑपरेशन सिंदूर से लश्कर का सफाया, अब पीओके भी हमारा होगा: राज्यसभा में गरजे अमित शाह” कहा – Pok कांग्रेस ने दिया, भाजपा लाएगी वापस

विशेष संवाददाता // नई दिल्ली
राज्यसभा में मंगलवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ‘ऑपरेशन महादेव’ पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पीओके (पाक अधिकृत कश्मीर) कांग्रेस ने गंवाया था, लेकिन अब उसे वापस लाने का काम भारतीय जनता पार्टी करेगी।
अमित शाह ने कहा, “हमने आतंकियों के ठिकानों पर हमला किया था, लेकिन पाकिस्तान ने उसे खुद पर हमला मान लिया। जब उन्होंने जवाबी कार्रवाई की, तो भारत ने तय किया कि अब हम उनके रक्षा ढांचे को ही ध्वस्त कर देंगे। उनके एयरबेस को तबाह कर दिया गया है।”
विपक्ष का हंगामा, शाह का करारा जवाब
जैसे ही अमित शाह ने राज्यसभा में बोलना शुरू किया, विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया और प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति की मांग की। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि पीएम का सदन में मौजूद न होना लोकतंत्र और संसद का अपमान है। इस पर शाह ने कहा, “प्रधानमंत्री साहब ऑफिस में हैं, उन्हें सुनने का इतना ही शौक है क्या? सुनोगे तो तकलीफ होगी।”
शाह के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी दल कांग्रेस, टीएमसी और आरजेडी ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
ऑपरेशन महादेव: आतंकियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई
गृह मंत्री ने बताया कि ऑपरेशन महादेव के तहत पहलगाम हमले के तीन आतंकियों को मार गिराया गया। सुलेमान नाम का आतंकी इस हमले में शामिल था और उसी की राइफल से गोलियां चलाई गई थीं। उन्होंने बताया कि सेना ने आतंकियों को पाकिस्तान भागने से पहले ही ढेर कर दिया।
एनआईए ने घटनास्थल से जो खाली कारतूस जब्त किए थे, उनकी फॉरेंसिक जांच में पुष्टि हुई कि वही राइफल्स आतंकियों के पास से बरामद हुई थीं। शाह ने बताया कि “आतंकियों के माथे पर ही गोली मारी गई, जैसा कि कई लोगों ने मुझसे संदेश में कहा था।”
उन्होंने सेना, पुलिस, सीआरपीएफ, एनआईए और एफएसएल की सराहना करते हुए कहा कि यह मिशन सुरक्षा बलों की एकजुटता और सटीक योजना का परिणाम था।
कांग्रेस पर तीखा हमला
अमित शाह ने कांग्रेस पर देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “चिदंबरम पाकिस्तान पर अटैक के सबूत मांग रहे हैं। आखिर वह किसे बचाना चाहते हैं? कांग्रेस हर मुद्दे को हिंदू-मुसलमान की नजर से देखती है, यहां तक कि आतंकवाद पर भी।”
शाह ने तंज कसते हुए कहा, “कांग्रेस पूछ रही है कि आतंकियों को आज ही क्यों मारा गया? मैं पूछता हूं कि क्या उन्हें और दिन जिंदा रखना चाहते थे?”
ऑपरेशन सिंदूर और कड़ा संदेश
गृह मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी देते हुए कहा कि 7 मई को पाकिस्तान के नौ आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया गया और 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया। उन्होंने बताया कि हमला केवल आतंकियों के अड्डों पर किया गया था, लेकिन पाकिस्तान ने इसे अपने ऊपर हमला मानते हुए 8 मई को जवाबी हमला करने की कोशिश की। इसके बाद भारत ने उनके सैन्य ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया।
शाह ने कहा, “प्रधानमंत्री ने कहा था कि आतंकियों को मिट्टी में मिला देंगे, और हमारी सेना ने आतंकियों के साथ उनके आकाओं को भी मिट्टी में मिला दिया है।”
“पीओके कांग्रेस ने दिया था, लेने का काम हम करेंगे”
गृह मंत्री ने अंत में ऐलान किया कि अब समय आ गया है जब पीओके को भारत में मिलाने का काम शुरू होगा। उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने पीओके दिया था, लेकिन उसे वापस लाने का संकल्प भाजपा पूरा करेगी। कश्मीर को आतंकवाद से मुक्त किया जाएगा और हर आतंकी को करारा जवाब मिलेगा।”
निष्कर्ष:
राज्यसभा में अमित शाह का यह संबोधन न सिर्फ पाकिस्तान को सख्त संदेश था, बल्कि कांग्रेस और विपक्ष के लिए भी स्पष्ट चेतावनी थी कि अब सुरक्षा और राष्ट्रहित के मुद्दों पर राजनीति नहीं चलेगी। ऑपरेशन महादेव और सिंदूर के ज़रिए केंद्र सरकार ने यह साफ कर दिया है कि आतंक और उसके सरपरस्तों को अब बख्शा नहीं जाएगा।



