26 जुलाई महाकाल भस्म आरती: रजत मुकुट, रुद्राक्ष माला और पुष्पों से हुआ बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार

उज्जैन (शिखर दर्शन) // सावन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर शनिवार तड़के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के कपाट ब्रह्म मुहूर्त में श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। प्रातः 3 बजे बाबा महाकाल का पंचामृत अभिषेक कर विशेष श्रृंगार और भस्म आरती संपन्न की गई।
भगवान महाकाल का अभिषेक सबसे पहले शुद्ध जल से किया गया। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक कर पूजन संपन्न हुआ। अभिषेक उपरांत बाबा को शेषनाग स्वरूप रजत मुकुट, रजत मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों से बनी मनोहारी माला पहनाई गई।
श्रृंगार में विशेष रूप से ड्रायफ्रूट का उपयोग कर बाबा को दिव्य रूप प्रदान किया गया। तिलक अर्पण के साथ ही बाबा को फल-मिष्ठान का भोग लगाया गया। भक्तों ने नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामनाएं कहकर आशीर्वाद की कामना की।
सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रातःकाल भस्म आरती में भाग लेकर बाबा के दिव्य दर्शन किए और पुण्य लाभ अर्जित किया। पूरा मंदिर परिसर “जय महाकाल”, “हर हर शंभू”, “ॐ नमः शिवाय” जैसे गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
सावन माह में हर दिन महाकाल की विशेष भस्म आरती, श्रृंगार और भक्ति उत्सवों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देश-विदेश से श्रद्धालु भाग लेकर आध्यात्मिक आनंद का अनुभव कर रहे हैं।



