बिलासपुर संभाग

सड़क सुरक्षा पर कलेक्टर सख्त: दुर्घटनाएं रोकने व्यापक रणनीति तय, ब्लैक स्पॉट पर होगा विशेष सुधार कार्य

बिलासपुर (शिखर दर्शन) // जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सोमवार को कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में मंथन सभाकक्ष, जिला कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक में सड़क हादसों में हो रही बढ़ोत्तरी को लेकर गंभीर मंथन किया गया तथा इन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ठोस रणनीति बनाई गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को दुर्घटनास्थलों की पहचान कर आवश्यक सुधार कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

बैठक में एसएसपी रजनेश सिंह सहित पुलिस, परिवहन, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। कलेक्टर ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर कनेक्टिंग सड़कों से कुछ दूरी पर स्पीड ब्रेकर अवश्य बनाए जाएं, क्योंकि इन स्थानों पर दुर्घटनाओं की आशंका अधिक रहती है। सीपत मार्ग को अति संवेदनशील बताते हुए उन्होंने कहा कि इस मार्ग पर शोल्डर न होने के कारण कई हादसे हो चुके हैं। शोल्डर निर्माण के लिए उन्होंने डीएमएफ मद से राशि स्वीकृत करने का आश्वासन दिया।

कलेक्टर ने रायपुर से बिलासपुर आने वाले पेंड्रीडीह बायपास में स्पष्ट दिशा-सूचक बोर्ड लगाने का निर्देश भी दिया ताकि यात्रियों को शहर की ओर भ्रम न हो। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर गति सीमा का संकेतक न होना एक बड़ी समस्या है। एनएच विभाग को सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर स्पीड लिमिट संकेतक लगाने के निर्देश दिए गए।

इसके साथ ही तखतपुर में मनियारी नदी पुलिया की तत्काल मरम्मत, रतनपुर-कोटा मार्ग पर निर्माणाधीन पुल की प्रगति और शहर के चिन्हित ब्लैक स्पॉट और ग्रे स्पॉट की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने इन दुर्घटनास्थलों का पुनः परीक्षण कर आवश्यक सुधार प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

फिलहाल जिले में 6 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं —

  1. सेन्द्री चौक (कोनी)
  2. जाली मोड़ (रतनपुर)
  3. मस्तुरी हाईवे तिराहा
  4. भदौरा चौक (मस्तुरी)
  5. पंधी चौक (सीपत)
  6. जांजी बस स्टैंड (सीपत)

3 ग्रे स्पॉट इस प्रकार हैं —

  1. नेहरू चौक
  2. महाराणा प्रताप चौक
  3. अशोक नगर चौक

एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि वर्ष 2024 की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 50% की कमी आई है, परंतु इसे और कम करना प्रशासन का लक्ष्य है। उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2025 में 215 लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस लापरवाही से वाहन चलाने के कारण निलंबित किए गए हैं। साथ ही, स्कूल पाठ्यक्रम में यातायात शिक्षा को शामिल करने का सुझाव भी बैठक में आया।

बरसात के मौसम में आवारा पशुओं के कारण बढ़ती दुर्घटनाओं पर चिंता जताते हुए एसएसपी ने बताया कि ऐसे मामलों में पशुपालकों के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस महत्वपूर्ण बैठक में नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, एडीएम शिवकुमार बनर्जी, एएसपी अर्चना झा, यातायात एएसपी करियारे सहित लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग, परिवहन विभाग, आरटीओ आदि अधिकारी उपस्थित रहे।


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