मुख्यमंत्री साय का बड़ा दावा: 1476 नक्सलियों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता, सरकार 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने को प्रतिबद्ध
रायपुर (शिखर दर्शन) // छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में एक बड़ी सफलता सामने आई है, जहां 37 लाख 50 हजार रुपये के इनामी कुल 22 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। इनमें से कुछ पर 50 हजार से लेकर 8 लाख रुपये तक के इनाम घोषित थे। यह आत्मसमर्पण राज्य सरकार की नई आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति 2025 की सफलता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “लोग अब बंदूक नहीं, विकास की राह पर साथ चलना चाहते हैं।” उन्होंने बताया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में अब तक कुल 1476 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जो नीति और जनकल्याणकारी योजनाओं की स्वीकार्यता का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘नियद नेल्लानार’ जैसी योजनाओं ने लोगों में विश्वास पैदा किया है, जिसके चलते वे हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं। उन्होंने यह भी दोहराया कि राज्य सरकार इन आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनरुत्थान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने अपनी बात को स्पष्ट करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार 31 मार्च 2026 तक राज्य से नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने के लिए संकल्पित है। आत्मसमर्पण करने वालों को पुनर्वास, स्वरोजगार, आवास, शिक्षा और चिकित्सा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराकर समाज की मुख्यधारा में लाया जा रहा है।
यह घटनाक्रम राज्य में शांति स्थापना और विकास की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
