गौ सेवकों का जल सत्याग्रह, 11 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार को दी चेतावनी
“हम उल्टे पांव आपके घर आ गए, आप सीधे पांव गौ सेवा धाम आइए” – आंदोलनकारियों का संदेश
बिलासपुर (छत्तीसगढ़) // बिलासपुर के घी कुंड मोपका तालाब में गौ सेवा धाम से जुड़े सैकड़ों गौ सेवकों ने अनूठे तरीके से जल सत्याग्रह किया। पानी के भीतर खड़े होकर उन्होंने शासन और प्रशासन के प्रति अपनी नाराजगी जताई। गौ सेवकों का यह आंदोलन लंबे समय से लंबित 11 सूत्रीय मांगों के समर्थन में किया गया, जिन्हें लेकर पहले भी मस्तूरी से बिलासपुर तक दण्डवत यात्रा निकालकर ज्ञापन सौंपा गया था। ज्ञापन में शासन को 15 दिनों की मोहलत दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से यह सत्याग्रह शुरू किया गया।

मुख्य मांगे:
इस जल सत्याग्रह में गौ सेवकों ने खास तौर पर पांच प्रमुख मांगों को उठाया:
- गौ सेवा धाम को घायल गौ माता की सेवा हेतु भूमि आवंटित की जाए।
- गौ तस्करों पर कठोर कार्रवाई करते हुए उनके खातों की जांच कराई जाए।
- किसानों को गोबर का उचित मूल्य और प्रति गौवंश ₹1000 मासिक सेवा शुल्क दिया जाए।
- जिले का पशु चिकित्सालय (वेटरनरी हॉस्पिटल) 24 घंटे संचालित हो एवं लापरवाह डॉक्टरों को तत्काल निलंबित किया जाए।
- महाराष्ट्र की तरह छत्तीसगढ़ में भी गौ माता को ‘राज्य माता’ का दर्जा दिया जाए।
गौ सेवकों ने स्पष्ट कहा कि यदि माँगे नहीं मानी गईं तो आंदोलन चरणबद्ध ढंग से जारी रहेगा। जल सत्याग्रह के दौरान दोपहर बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा, जिन्होंने कलेक्टर से चर्चा कर समस्या के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। प्रशासन ने सोमवार तक मांगों पर कार्यवाही का भरोसा दिलाया है।
आंदोलन को मिला नया नाम:
गौ सेवकों ने अपने आंदोलन को नया नाम दिया है –
“हम उल्टे पैर आपके घर आ गए, आप सीधे पैर गौ सेवा धाम पधारिए।”
इसके तहत यह चेतावनी दी गई है कि 15 दिनों के भीतर समाधान नहीं हुआ, तो वे उल्टे पांव जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के कार्यालय पहुंचेंगे, और आंदोलन को और तेज करेंगे।

आंदोलन में प्रमुख रूप से शामिल रहे:
विपुल शर्मा, ओमेश बिसेन, गोपालकृष्ण रामानुज दास, बाबा शर्मा, मंजीत सिंह, आचार्य सचिन, शिवांश पांडेय, अंकित तिवारी, निहाल राके, आकांक्षा कौशिक, सिद्धार्थ शर्मा, शत्रुघ्न यादव, शुभम शुक्ला, शुभम साहू, जितेंद्र लकड़ा, शांतनु पांडेय, आशीष त्रिपाठी, मुकेश कश्यप, बाबा सोमावार, आशीष यादव, राज यादव, मनीष कौशिक, युवराज साहू, वेष्णव जी, दिव्यांश रजक, अभिषेक गुप्ता, विकास यादव, मोहन श्रीवास, रवि ताम्रकर, विशु साहू, पुष्पदंत शर्मा और विनय शर्मा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

