बालाकोट स्ट्राइक में विंग कमांडर अभिनंदन को पकड़ने वाला पाकिस्तानी मेजर मोइज अब्बास शाह मारा गया, TTP ने ली हमले की जिम्मेदारी
इस्लामाबाद // पाकिस्तान से एक बड़ी खबर सामने आई है। भारत की बालाकोट एयर स्ट्राइक के दौरान विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को हिरासत में लेने का दावा करने वाले पाकिस्तानी सेना के अधिकारी मेजर मोइज अब्बास शाह की दक्षिण वजीरिस्तान में हत्या कर दी गई है। इस हमले की जिम्मेदारी प्रतिबंधित आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने ली है।
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स और सेना की जानकारी के मुताबिक, मेजर मोइज अब्बास शाह उस वक्त मारा गया जब वह दक्षिण वजीरिस्तान के सरगोधा क्षेत्र में टीटीपी के खिलाफ एक खुफिया-आधारित अभियान का नेतृत्व कर रहे थे। इस ऑपरेशन के दौरान आतंकियों से मुठभेड़ हुई, जिसमें मेजर शाह और लांस नायक जिब्रानुल्लाह शहीद हो गए। सेना ने दावा किया है कि इस एनकाउंटर में उन्होंने TTP के 11 आतंकियों को ढेर कर दिया है।
पाकिस्तानी सेना की स्पेशल सर्विस ग्रुप (SSG) में तैनात 37 वर्षीय मोइज अब्बास शाह चकवाल जिले के निवासी थे। वे उन अधिकारियों में शामिल थे, जिन्होंने 2019 में भारत की बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद भारतीय वायुसेना के पायलट अभिनंदन वर्धमान को हिरासत में लेने का दावा किया था।
भारत की बालाकोट एयर स्ट्राइक और अभिनंदन की गिरफ्तारी
14 फरवरी 2019 को पुलवामा में जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमले में CRPF के 40 जवान शहीद हुए थे। इसके जवाब में भारत ने 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी शिविरों पर एयर स्ट्राइक की थी। इस हमले में बड़ी संख्या में आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया था।
इस कार्रवाई के बाद, 27 फरवरी को पाकिस्तान वायुसेना ने जवाबी हमले की कोशिश की। विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान ने मिग-21 बाइसन से उड़ान भरते हुए पाकिस्तान के F-16 विमान को मार गिराया, लेकिन उनकी खुद की फाइटर जेट मिसाइल की चपेट में आ गई। उन्हें विमान से इजेक्ट करना पड़ा और वे पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में जा गिरे। वहां उन्हें पाकिस्तानी सेना ने हिरासत में लिया था और तीन दिन बाद भारत को सौंप दिया गया।
आतंकियों से दोस्ती बनी अब सिरदर्द
विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान की वर्षों पुरानी नीति—आतंकी संगठनों को पनाह और समर्थन देने की—अब उसी के लिए घातक बनती जा रही है। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान, जिसे पहले भारत और शिया समुदाय के खिलाफ इस्तेमाल किया गया, अब पाकिस्तानी सेना के लिए ही खतरा बन चुका है। मेजर मोइज अब्बास शाह की हत्या इसी सच्चाई का जीता-जागता उदाहरण है।
नोट: यह खबर सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से अहम मानी जा रही है, क्योंकि इससे पाकिस्तान के अंदरूनी हालात और आतंक के खिलाफ उसकी कथित नीति की असलियत एक बार फिर उजागर हो गई है।
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