राजा रघुवंशी मर्डर केस: पत्नी सोनम और प्रेमी राज कुशवाहा ने कबूला रिश्ता, नार्को टेस्ट टला, तांत्रिक एंगल की भी जांच
इंदौर/शिलांग (शिखर दर्शन) // इंदौर के चर्चित ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी मर्डर केस में बड़ा खुलासा हुआ है। हत्या के आरोप में गिरफ्तार राजा की पत्नी सोनम रघुवंशी और उसके प्रेमी राज कुशवाहा ने मेघालय पुलिस की पूछताछ में पहली बार अपने रिश्ते को स्वीकार कर लिया है। दोनों ने यह भी माना कि उन्होंने मिलकर राजा की हत्या की साजिश रची थी। इनके इकबालिया बयानों और पहले से मौजूद साक्ष्यों के आधार पर अब इनका नार्को टेस्ट नहीं किया जाएगा।
पूर्वी खासी हिल्स के एसपी विवेक सिम ने कहा कि, “राज और सोनम ने अपराध स्वीकार कर लिया है। हमारे पास पर्याप्त सबूत हैं। अब नार्को एनालिसिस की कोई आवश्यकता नहीं है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वोच्च न्यायालय की गाइडलाइन के अनुसार नार्को टेस्ट बिना ठोस आधार के नहीं किया जा सकता। पुलिस अब पूरी कोशिश कर रही है कि कानूनी रूप से मजबूत चार्जशीट तैयार कर जल्द अदालत में पेश की जाए। दोनों आरोपियों को गुरुवार को अदालत में पेश किए जाने की संभावना है।
सबूत मिटाने की आशंका, दो और लोगों पर नजर
मेघालय पुलिस अब इंदौर के कारोबारी लोकेंद्र तोमर और प्रॉपर्टी डीलर सिलोम जेम्स से भी पूछताछ की तैयारी में है। पुलिस के अनुसार सोनम रघुवंशी गिरफ्तारी से पहले इंदौर स्थित लोकेंद्र के फ्लैट में रुकी थी। वहां से उसने एक बैग हटवाया था जिसमें कथित तौर पर देसी पिस्तौल, राजा रघुवंशी के गहने, 5 लाख रुपये नकद और उसका मोबाइल फोन रखा था। पुलिस को शक है कि यह साक्ष्य मिटाने का प्रयास था। फिलहाल वह बैग और उसमें रखे आभूषण अब तक बरामद नहीं हो सके हैं।
हत्या में तांत्रिक एंगल की एंट्री
जांच में अब एक नया मोड़ भी सामने आया है। शिलांग पुलिस की एसआईटी को शक है कि इस हत्याकांड में तांत्रिक क्रियाओं का भी संबंध हो सकता है। सोनम रघुवंशी के कुछ करीबी दोस्तों के सोशल मीडिया चैट और मैसेज की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस ने सभी मैसेज और संपर्कों का पूरा डाटा निकाल लिया है और यह भी देखा जा रहा है कि क्या राजा की हत्या किसी तांत्रिक प्रक्रिया या अंधविश्वास के कारण कराई गई थी।
इंदौर में सक्रिय है पुलिस टीम
फिलहाल शिलांग पुलिस की एक विशेष टीम इंदौर में डेरा डाले हुए है और हत्या से जुड़े सभी कोणों की बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस का फोकस सिर्फ इकबालिया बयान नहीं, बल्कि ठोस और अदालत में स्वीकार्य सबूत इकट्ठा करने पर है।
निष्कर्ष:
राजा रघुवंशी हत्याकांड अब एक बहुस्तरीय जांच में बदल चुका है, जिसमें प्रेम प्रसंग, हत्या की साजिश, सबूत मिटाने का प्रयास और तांत्रिक एंगल जैसी कई परतें खुल रही हैं। पुलिस का प्रयास है कि केस को जल्द से जल्द न्यायिक अंजाम तक पहुंचाया जाए।
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