“आपातकाल की काली गाथा और लोकतंत्र की जंग: मुख्यमंत्री का देश को चेतावनी भरा बयान”

भोपाल (शिखर दर्शन) // मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर जोरदार शब्दों में इसे लोकतंत्र का काला अध्याय और लोकतंत्र का एक गहरा धब्बा बताया है। उन्होंने कहा कि आपातकाल लगाने वाले कभी इस कलंक से मुक्त नहीं हो सकते। 50 साल बाद भी यह इतिहास से एक सबक है कि कोई भी फिर से आपातकाल लागू करने की हिमाकत न करे।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि भारत आज लोकतंत्र सेनानियों के बलिदान के कारण विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र और गणतंत्र बन चुका है। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र सेनानियों ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपना सबकुछ दांव पर लगा दिया। उस दौर में कई निर्दोष लोगों को जेलों में बंद किया गया और लोगों पर अनेकों अत्याचार किए गए।”
डॉ. मोहन यादव 25 जून को इंदौर और 26 जून को भोपाल में संविधान हत्या दिवस के कार्यक्रमों में लोकतंत्र सेनानियों की उपस्थिति में भाग लेंगे। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि आपातकाल के दौरान जनता पर कई प्रतिबंध लगाए गए और हमारे लोकतंत्र सेनानियों ने कठिनाइयों के बावजूद लोकतंत्र की रक्षा के लिए अडिग साहस दिखाया।
उन्होंने प्रदेशवासियों और जीवित लोकतंत्र सेनानियों को बधाई देते हुए कहा कि आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जो इन बहादुर लोगों के कारण जिंदा है। साथ ही दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि इतिहास में उनका नाम सदैव सम्मान के साथ लिया जाएगा।
डॉ. यादव ने कहा कि आपातकाल के काले दिन को हम सभी याद रखेंगे और यह कामना करते हैं कि ऐसा दिन फिर कभी न आए।



