सरकारी राशन दुकान में मची भगदड़, OTP और फिंगरप्रिंट न मिलने से घंटों तक अटकी वितरण प्रक्रिया
चावल तिहार में अफरा-तफरी: राशन लेने उमड़ी भीड़, सर्वर डाउन और धक्का-मुक्की से व्यवस्था चरमराई
गरियाबंद (शिखर दर्शन) // छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू किए गए चावल तिहार के तहत गरियाबंद जिले में राशन वितरण व्यवस्था पूरी तरह से चरमराती नजर आ रही है। जहां इस योजना का उद्देश्य आम जनता को राहत पहुंचाना है, वहीं ज़मीनी हकीकत इससे उलट दिखाई दे रही है। सरकारी राशन की दुकानों में भगदड़, लंबी कतारें और तकनीकी समस्याओं ने उपभोक्ताओं की परेशानियों को और बढ़ा दिया है।
सरकार द्वारा तीन महीने का चावल एक साथ वितरित किए जाने से राशन दुकानों में भीड़ बेकाबू हो गई है। स्थिति यह है कि दुकानों के सामने सुबह से ही लंबी कतारें लग जाती हैं, लेकिन सर्वर डाउन, फिंगरप्रिंट फेल और ओटीपी जनरेट न होने जैसी तकनीकी अड़चनों के चलते एक दिन में महज 20 से 25 लोगों को ही राशन मिल पा रहा है। इससे वितरण प्रक्रिया लगभग ठप हो गई है।
राशन लेने पहुंचे लोगों का कहना है कि वे एक सप्ताह से लगातार चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक राशन नहीं मिल पाया। धक्का-मुक्की और झगड़े की स्थिति रोज बन रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को हो रही है। कुछ स्थानों पर हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
एक उपभोक्ता महिला ने बताया कि यदि राशन दुकान हर दिन खुले और सुबह 10 बजे के बजाय और जल्दी शुरू हो, तो लोगों को कुछ राहत मिल सकती है। वहीं लोगों ने यह भी मांग की है कि या तो सैल्समैन की संख्या बढ़ाई जाए या वार्डवार राशन वितरण की व्यवस्था की जाए, ताकि अफरा-तफरी से बचा जा सके।
चावल तिहार की मंशा भले ही सकारात्मक हो, लेकिन अमल की कमजोरियों के कारण आम जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यदि जल्द ही समाधान नहीं किया गया, तो यह योजना लोगों की नाराजगी का कारण बन सकती है।
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