Ahmedabad Plane Incident: एयर इंडिया हादसे के बाद सामने आए 9 विमान तकनीकी खामियों के मामले , विमानन सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल !
नई दिल्ली (शिखर दर्शन) // भारत की विमानन सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर कठघरे में है। 12 जून 2025 को एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 के भीषण हादसे में 280 लोगों की मौत के बाद से अब तक कुल 9 फ्लाइट्स तकनीकी खामियों के कारण बीच रास्ते से लौट चुकी हैं या प्रभावित हुई हैं। इनमें इंडिगो, स्पाइसजेट, एयर इंडिया, लुफ्थांसा और ब्रिटिश एयरवेज जैसी प्रमुख एयरलाइंस शामिल हैं। यात्रियों की जान बची जरूर है, लेकिन इन घटनाओं ने देश की एविएशन इंडस्ट्री की तकनीकी निगरानी, पारदर्शिता और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दिल्ली से लेह जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E2006 तकनीकी कारणों से लौटी
गुरुवार सुबह करीब 6:30 बजे दिल्ली से लेह के लिए उड़ान भरने वाली इंडिगो फ्लाइट 6E2006 में तकनीकी समस्या उत्पन्न हुई। विमान में 180 यात्री और क्रू सदस्य सवार थे। पायलट ने सतर्कता बरतते हुए फ्लाइट को वापस दिल्ली लाया। एयरलाइन ने स्पष्ट किया कि यह आपात स्थिति नहीं थी, बल्कि एहतियातन लिया गया फैसला था। यात्रियों को वैकल्पिक फ्लाइट से उनके गंतव्य तक भेजा गया।
स्पाइसजेट की फ्लाइट SG2696 भी वापस लौटी
इसी दिन हैदराबाद से तिरुपति जा रही स्पाइसजेट की Q400 फ्लाइट SG2696 को AFT बैगेज डोर की चेतावनी लाइट में खराबी आने के कारण उड़ान के तुरंत बाद लौटना पड़ा। यात्रियों को विमान से सुरक्षित उतारकर नई उड़ान से भेजा गया।
AI-171 हादसे के बाद सामने आए ये 9 प्रमुख मामले:
- 12 जून: अहमदाबाद से दिल्ली जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 दुर्घटनाग्रस्त – 280 मौतें।
- 13 जून: कोलकाता से अहमदाबाद जा रही इंडिगो 6E318 को रनवे बंद होने के कारण वापस लौटना पड़ा।
- 15 जून: लंदन से चेन्नई जा रही ब्रिटिश एयरवेज 787 तकनीकी गड़बड़ी से लंदन लौटी।
- 15 जून: फ्रैंकफर्ट से हैदराबाद आ रही लुफ्थांसा 787 तकनीकी कारणों से लौट गई।
- 16 जून: हांगकांग से दिल्ली आ रही AI-315 तकनीकी कारणों से टेकऑफ के 90 मिनट बाद लौटी।
- 17 जून: दिल्ली से रांची जा रही AI एक्सप्रेस फ्लाइट टेकऑफ के तुरंत बाद लौटी।
- 18 जून: दिल्ली से रायपुर जा रही इंडिगो 6E6313 में गेट में खराबी के चलते यात्री 40 मिनट फंसे रहे।
- 19 जून: दिल्ली से लेह जा रही इंडिगो 6E2006 तकनीकी खराबी के कारण लौटी।
- 19 जून: हैदराबाद से तिरुपति जा रही स्पाइसजेट SG2696 AFT डोर अलर्ट के कारण लौटी।
क्या है मुख्य चिंता ?
AI-171 के भयावह हादसे के बाद से विमानन कंपनियां सतर्क जरूर हुई हैं, लेकिन 9 फ्लाइट्स में तकनीकी दिक्कतें यह बताती हैं कि जमीनी हकीकत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल घटनाओं के बाद की प्रतिक्रिया काफी नहीं, बल्कि प्रोएक्टिव तकनीकी निगरानी, नियमित ऑडिट और पारदर्शिता की सख्त जरूरत है।
निष्कर्ष:
फ्लाइट AI-171 की त्रासदी के बाद विमानन सुरक्षा को लेकर सरकार और DGCA द्वारा निगरानी तेज़ की गई है। हालांकि, इन लगातार तकनीकी घटनाओं ने साफ कर दिया है कि सुधारात्मक उपायों को और सख्त और समयबद्ध तरीके से लागू करना अनिवार्य हो गया है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और विमानन क्षेत्र पर भरोसा बरकरार रह सके।
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