रायपुर संभाग

कोरबा जिले में शिक्षा को नया आयाम: 108 स्कूलों के लिए 17 करोड़ से अधिक की लागत से नए भवनों को मिली मंजूरीपुराने और जर्जर भवनों को हटाकर बनाए जाएंगे आधुनिक और सुरक्षित स्कूल भवन

रायपुर (शिखर दर्शन) // छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में शिक्षा व्यवस्था को सशक्त और समावेशी बनाने के उद्देश्य से लगातार ठोस पहल कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप कोरबा जिले में 108 शैक्षणिक संस्थानों के लिए नए भवनों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इन भवनों के निर्माण पर कुल 17 करोड़ 08 लाख 94 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना से न केवल स्कूलों की भौतिक संरचना में सुधार होगा, बल्कि छात्रों को एक सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण भी प्राप्त होगा।

जिला कलेक्टर अजीत वसंत ने इस कार्य के लिए जिला खनिज न्यास निधि (DMF) से प्रथम चरण में सभी विकासखंडों में भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान करते हुए संबंधित विभागों को क्रियान्वयन एजेंसियां नियुक्त करने और शीघ्र निर्माण कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं।

पुराने भवनों की जगह बनेंगे नवीन और सुरक्षित स्कूल

इस परियोजना के तहत जीर्ण-शीर्ण और असुरक्षित भवनों को हटाकर नए भवनों का निर्माण किया जाएगा। पाली, पोड़ी उपरोड़ा, कटघोरा, करतला, कोरबा और बांकीमोंगरा के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में यह कार्य किया जाएगा। प्राथमिक विद्यालयों के लिए 15 से 15.65 लाख रुपये और माध्यमिक विद्यालयों के लिए 15.85 से 16.60 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

शाला भवन निर्माण का कार्य जिले भर में फैला

पाली विकासखंड के ग्राम भदरापारा, तालाबपारा, बरहामुड़ा, जरमौहा सहित अन्य गांवों में नवीन प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं का निर्माण किया जाएगा। इसी तरह पोड़ी उपरोड़ा क्षेत्र में रनईपारा, बंशीपेन्द्रो, शाहीपुर, महादेवपारा, लालपुर, भुलसीभवना जैसे स्थानों पर प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के लिए भवन निर्माण को मंजूरी मिली है।

कटघोरा, करतला और कोरबा विकासखंडों के कई गांवों जैसे कनबेरी, खरवानी, दमखांचा, रोगदा, चाकामार, तौलीपाली आदि में भी नए भवनों का निर्माण किया जाएगा। वहीं, नगरीय क्षेत्र बांकीमोंगरा में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में 2 कक्षों सहित शौचालय निर्माण के लिए 18 लाख 32 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है।

वर्षों से लंबित मांग अब होगी पूरी

इन क्षेत्रों में लंबे समय से स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और पालक वर्ग पुराने, जर्जर स्कूल भवनों को हटाकर नए भवनों की मांग कर रहे थे। जिला प्रशासन ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह ऐतिहासिक निर्णय लिया है।

इस महत्त्वपूर्ण पहल से न केवल शैक्षणिक आधारभूत संरचना में सुधार होगा, बल्कि कोरबा जिले की शिक्षा व्यवस्था को भी एक नई दिशा मिलेगी। आने वाले समय में इन भवनों के माध्यम से हजारों बच्चों को बेहतर, सुरक्षित और प्रेरणादायक वातावरण में शिक्षा ग्रहण करने का अवसर प्राप्त होगा।

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