7 मई महाकाल आरती: अद्भुत श्रृंगार में विराजे भगवान महाकाल, घर बैठे करें दिव्य दर्शन
उज्जैन (शिखर दर्शन) //
वैशाख माह की शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि पर शनिवार तड़के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के कपाट प्रातः 4 बजे विधिवत पूजा-अर्चना के साथ खोले गए। भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर पंचामृत—दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से विशेष पूजन संपन्न किया गया। इसके बाद उन्हें भस्म अर्पित की गई, जो महाकाल की भस्म आरती की परंपरा का प्रमुख अंग है।
इस अवसर पर भगवान महाकालेश्वर का भव्य श्रृंगार किया गया। वे शेषनाग के रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाला, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित फूलों से बनी माला से अलंकृत होकर भक्तों को दर्शन दे रहे थे। महाकाल को फल और मिष्ठान का भोग भी अर्पित किया गया।
सुबह की पावन भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में उपस्थित होकर दर्शन किए और पुण्य लाभ अर्जित किया। भक्तों ने नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामनाएं कहकर बाबा महाकाल से उनकी पूर्ति का आशीर्वाद मांगा। मंदिर परिसर ‘जय श्री महाकाल’, ‘हर हर महादेव’ के गगनभेदी नारों से गूंज उठा।
श्रद्धालु इस दिव्य दृश्य को मंदिर की लाइव व्यवस्था के माध्यम से घर बैठे भी देख सके, जिससे लाखों भक्तों को अलौकिक आरती और श्रृंगार का लाभ प्राप्त हुआ। महाकाल की यह भक्ति-परंपरा सनातन श्रद्धा का जीवंत प्रमाण है, जो प्रतिदिन भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देती है।
