प्रधानमंत्री मोदी ने चिनाब ब्रिज राष्ट्र को समर्पित किया, कटरा से श्रीनगर तक वंदे भारत को दिखाई हरी झंडी
चिनाब पुल राष्ट्र को समर्पित, कश्मीर को पहली बार पूरे भारत से रेलमार्ग से जोड़ा गया
प्रधानमंत्री मोदी ने कटरा से श्रीनगर तक वंदे भारत ट्रेन को दिखाई हरी झंडी, चिनाब और अंजी ब्रिज का किया उद्घाटन
जम्मू-कश्मीर (शिखर दर्शन) // आज जम्मू-कश्मीर के लिए एक ऐतिहासिक दिन रहा, जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चिनाब नदी पर बने विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे आर्च ब्रिज — चिनाब ब्रिज — को राष्ट्र को समर्पित किया और कटरा से श्रीनगर तक चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही, कश्मीर घाटी पहली बार कन्याकुमारी से लेकर भारत के कोने-कोने तक सीधे रेलमार्ग से जुड़ गई है।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने चिनाब ब्रिज के साथ ही अंजी ब्रिज का भी उद्घाटन किया और जम्मू-कश्मीर के विकास को गति देने वाली अनेक परियोजनाओं की आधारशिला रखी। चिनाब ब्रिज, जो भूकंपीय क्षेत्र-5 में स्थित है, दो पहाड़ों के बीच बनाया गया है और इसे 260 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं को सहन करने के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है। विंड टनल फिनोमेना जैसी भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद, यह इंजीनियरिंग का एक अद्वितीय नमूना है।
अब सिर्फ 3 घंटे में पहुंचेगा श्रीनगर, पहले लगते थे 8-10 घंटे
अब तक कश्मीर घाटी हर सर्दियों में बर्फबारी के चलते शेष भारत से कट जाती थी, खासकर नेशनल हाईवे-44 बंद हो जाने के कारण। जम्मू से श्रीनगर पहुंचने में 8 से 10 घंटे का समय लग जाता था। लेकिन अब कटरा से श्रीनगर तक वंदे भारत ट्रेन सेवा शुरू होने से यह दूरी मात्र तीन घंटे में तय की जा सकेगी। इससे पर्यटन, व्यापार और स्थानीय जीवन में बड़ा बदलाव आएगा।
हर दिन दो वंदे भारत ट्रेनें, आधुनिक सुविधाओं से युक्त
रेलवे बोर्ड के सूचना एवं प्रचार कार्यकारी निदेशक दिलीप कुमार ने बताया कि USBRL रेलखंड पर प्रतिदिन दो वंदे भारत ट्रेनें चलाई जाएंगी। पहली ट्रेन सुबह 8:10 बजे कटरा से चलकर 11:10 बजे श्रीनगर पहुंचेगी, जबकि दूसरी दोपहर 2:55 बजे रवाना होकर शाम 6 बजे श्रीनगर पहुंचेगी। वापसी में सुबह 8 बजे और दोपहर 2 बजे श्रीनगर से ट्रेनें कटरा के लिए चलेंगी। इन ट्रेनों में आठ आधुनिक कोच होंगे, जिनमें एक्जीक्यूटिव क्लास और चेयर कार की सुविधा उपलब्ध होगी।
22 वर्षों की मेहनत से बना चिनाब ब्रिज, अब पूरे भारत से जुड़ेगा कश्मीर
उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) परियोजना की शुरुआत 1997 में हुई थी, जिसका उद्देश्य कश्मीर को वर्षभर रेलवे से जोड़ना था। इस परियोजना को पूरा होने में 28 साल का समय और 43,780 करोड़ रुपये की लागत लगी। 272 किमी लंबी इस रेललाइन में 36 सुरंगें (119 किमी लंबाई), 943 पुल (13 किमी लंबाई), और देश की सबसे लंबी ट्रांसपोर्ट टनल — 12.77 किमी लंबी T-49 टनल — शामिल है।
चरणबद्ध तरीके से पूर्ण हुआ USBRL प्रोजेक्ट
इस परियोजना के अंतर्गत
- 2009 में काजीगुंड-बारामूला खंड (118 किमी),
- 2013 में बनिहाल-काजीगुंड (18 किमी),
- 2014 में उधमपुर-कटरा (25 किमी),
- 2023 में बनिहाल-संगलदान (48.1 किमी),
- संगलदान-रियासी (46 किमी)
और - रियासी-कटरा (17 किमी)
खंडों का कार्य चरणबद्ध रूप से पूरा किया गया।
अब यह पूरी रेललाइन कश्मीर को भारत के हर कोने से जोड़ने के लिए तैयार है — एक ऐसा सपना जो अब साकार हो चुका है। यह परियोजना न सिर्फ भौगोलिक बाधाओं को पार करने की मिसाल है, बल्कि यह राष्ट्रीय एकता और विकास की नई रेखा भी खींचती है।
