अन्तर्राष्ट्रीय

बिलावल भुट्टो का विवादित बयान: भारत को ISI से आतंकवाद से निपटना सीखने की दी सलाहकहा – अगर भारत को सच में लड़ना है आतंकवाद से, तो हमारे पास आए और ISI से सीखे

भारत को ISI से आतंकवाद से लड़ना चाहिए – बिलावल भुट्टो का विवादित बयान, पीएम मोदी को फिर बताया नेतन्याहू का ‘सस्ता वर्जन’

भारत और पाकिस्तान के बीच पहले से ही तनावपूर्ण रिश्तों में उस समय और तल्खी आ गई जब पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने भारत के खिलाफ एक और भड़काऊ बयान दे डाला। अमेरिका के न्यूयॉर्क में पाकिस्तानी समुदाय को संबोधित करते हुए बिलावल ने दावा किया कि अगर भारत को आतंकवाद से लड़ना है, तो उसे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से सीखना चाहिए।

भुट्टो ने कहा, “अगर भारत वाकई आतंकवाद से निपटना चाहता है तो हमारे पास आए और ISI से सीखे।” यह बयान ऐसे समय पर आया है जब भारत ने हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान के आतंकवादी चेहरे को बेनकाब करने के लिए वैश्विक स्तर पर एक कूटनीतिक अभियान शुरू किया है।

पीएम मोदी को बताया नेतन्याहू का सस्ता वर्जन

बिलावल भुट्टो का यह विवादित बयान यहीं नहीं रुका। इससे पहले उन्होंने संयुक्त राष्ट्र (UN) में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का “सस्ता वर्जन” कहकर संबोधित किया था। भुट्टो ने कहा, “मोदी खुद को नेतन्याहू जैसा बनाना चाहते हैं लेकिन वे उनके आसपास भी नहीं हैं। भारत सरकार को ऐसे खराब उदाहरणों से प्रेरणा नहीं लेनी चाहिए।”

RAW पर भी उठाए सवाल, ISI को बताया ‘एक्सपर्ट’

भुट्टो ने भारत की खुफिया एजेंसी RAW पर परोक्ष रूप से सवाल उठाते हुए ISI को आतंकवाद से निपटने में “एक्सपर्ट” बताया। यह बयान ऐसे समय आया है जब ISI पर वैश्विक मंचों पर आतंकी संगठनों से संबंधों को लेकर लगातार गंभीर आरोप लगते रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में ISI का नाम आतंकियों को प्रशिक्षण देने और सीमा पार हमलों में शामिल होने के आरोपों में बार-बार आया है।

कश्मीर का भी किया जिक्र, फिर दोहराए पुराने आरोप

संयुक्त राष्ट्र में अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भुट्टो ने कहा कि भारत ने कश्मीर के पहलगाम में हुई एक घटना के लिए बिना जांच पाकिस्तान को दोषी ठहराया, जबकि पाकिस्तान की ओर से सहयोग का प्रस्ताव दिया गया था। उन्होंने एक बार फिर कहा कि पाकिस्तान भारत से शांति चाहता है, लेकिन “शर्तों के साथ नहीं।”

सिंधु घाटी सभ्यता का जिक्र, खुद को बताया उत्तराधिकारी

भुट्टो ने कहा, “हम सिंधु घाटी सभ्यता के उत्तराधिकारी हैं। मोहनजोदड़ो मेरे निर्वाचन क्षेत्र से बस कुछ ही दूरी पर है।” उन्होंने पाकिस्तान की सभ्यता और विरासत पर गर्व जताते हुए खुद को एक जिम्मेदार प्रतिनिधि के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश की, लेकिन उनके विवादित बयानों ने पाकिस्तान की छवि को ही कठघरे में खड़ा कर दिया है।

भारत की तीखी प्रतिक्रिया संभव

भुट्टो के इन बयानों से भारत में तीखी प्रतिक्रिया की संभावना है। भारत पहले ही पाकिस्तान को आतंकवाद के पोषण का दोषी ठहराते हुए वैश्विक मंचों पर उसके खिलाफ साक्ष्य प्रस्तुत कर चुका है। बिलावल भुट्टो का यह बयान जहां एक ओर हास्यास्पद प्रतीत होता है, वहीं दूसरी ओर यह द्विपक्षीय रिश्तों में और कड़वाहट बढ़ा सकता है।

निष्कर्षतः, पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री का यह बयान सिर्फ एक राजनीतिक स्टंट नहीं बल्कि एक गंभीर कूटनीतिक असंवेदनशीलता का उदाहरण है, जो भारत-पाक संबंधों को और बिगाड़ सकता है।

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