15 मई: महाकालेश्वर का दिव्य भस्म आरती श्रृंगार, घर बैठे करें दर्शन
उज्जैन (शिखर दर्शन) //
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में गुरुवार, 15 मई को ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि पर अल सुबह भस्म आरती का भव्य आयोजन हुआ। तड़के 4 बजे मंदिर के कपाट खोलकर सबसे पहले भगवान महाकाल का जल से अभिषेक किया गया। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से उनका शास्त्रसम्मत पूजन और अभिषेक हुआ।
इसके पश्चात भगवान महाकालेश्वर को ताजगी भरी चंदन भस्म चढ़ाई गई। उन्हें रजत शेषनाग का मुकुट, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों से बनी विशेष फूलों की माला से अलंकृत किया गया। श्रद्धालुओं ने इस दिव्य श्रृंगार के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया। बाबा को फल और मिष्ठान्न का भोग भी अर्पित किया गया।
अल सुबह की इस अद्वितीय भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और पुण्य लाभ कमाया। भक्तों ने नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामनाएं कहकर आशीर्वाद मांगा। मंदिर परिसर ‘जय महाकाल’, ‘हर हर महादेव’, ‘हर हर शंभू’ और ‘ॐ नमः शिवाय’ के जयघोष से गूंजता रहा।
श्रद्धा और आस्था से ओतप्रोत यह दृश्य भक्तों के लिए जीवनभर की स्मृति बन गया। महाकाल की दिव्य आरती के साक्षी बनकर सभी ने भावविभोर होकर बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया।



