ट्रैक्टरों में लादकर लाए गए आतंकियों के शव, लश्कर कमांडर के जनाजे में शामिल हुए पाक सेना के अधिकारी, खुला आतंकवाद के साथ गहरे गठजोड़ का राज

जनाजों में मातम मनाती दिखी पाकिस्तानी सेना
नई दिल्ली (शिखर दर्शन) // भारत की सेना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह आतंक के हर ठिकाने को मिटाने में सक्षम है। हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला लेते हुए भारतीय वायुसेना ने बुधवार देर रात (7 मई) को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत एक निर्णायक एयरस्ट्राइक को अंजाम दिया। इस कार्रवाई में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों के 9 आतंकी अड्डों को ध्वस्त कर दिया गया और 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए, जिनमें कई शीर्ष आतंकी कमांडर भी शामिल हैं।
इस सर्जिकल कार्रवाई के बाद पाकिस्तान की असलियत एक बार फिर पूरी दुनिया के सामने आ गई है। भारत की कार्रवाई में मारे गए आतंकियों के जनाजे में खुद पाकिस्तानी सेना शामिल हुई, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि पाकिस्तान की सेना और आतंकियों के बीच गहरा गठजोड़ है। लश्कर के कमांडर अब्दुल रऊफ के जनाजे में पाकिस्तानी सेना के अधिकारी सिर झुकाए और हाथ बांधे नजर आए, जो इस बात का जीवंत प्रमाण है कि पाकिस्तान आतंकवाद का पोषक है, पीड़ित नहीं।
यह पहला मौका नहीं है जब पाकिस्तानी सेना को आतंकियों के साथ देखा गया हो। 2012 में भी ISI के पूर्व प्रमुख जनरल हामिद गुल को लश्कर-ए-तैयबा के एक सम्मेलन में मंच साझा करते देखा गया था। इस बार भी लश्कर के मुख्यालय मुरीदके (लाहौर से 30 किमी दूर) में हुए जनाजे में पाकिस्तानी सेना की मौजूदगी ने साबित कर दिया कि आतंकी संगठनों को संरक्षण देने वाली संस्था खुद पाकिस्तानी सेना है।
इस कार्रवाई के बाद जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर ने भी बयान जारी करते हुए स्वीकार किया कि भारत की कार्रवाई में उसके परिवार के 14 लोग मारे गए, जिनमें उसकी बहन और बहनोई भी शामिल हैं। अजहर ने अपने पत्र में दर्द बयां करते हुए कहा, “काश मैं भी मारा जाता।”
इस अभूतपूर्व ऑपरेशन की जानकारी विंग कमांडर व्योमिका सिंह और कर्नल सोफिया कुरैशी ने दुनिया के सामने रखी। उनके साहस और रणनीतिक नेतृत्व की हर ओर प्रशंसा हो रही है।
भारत सरकार की ओर से भी इस कार्रवाई को लेकर प्रतिक्रिया आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि अब भारत किसी भी हमले का तुरंत और करारा जवाब देगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत शांति में विश्वास करता है लेकिन आतंक के खिलाफ बिना झुके कदम उठाएगा।
इस बीच, पाकिस्तान बार-बार यह दावा करता रहा है कि वह आतंकवाद का शिकार है, लेकिन उसके सीनियर मिलिट्री ऑफिसर्स की मौजूदगी आतंकियों के जनाजे में, इस दावे की हवा निकालती है।
संयुक्त राष्ट्र और अन्य देशों द्वारा प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा, जिसने 2008 के मुंबई हमलों को अंजाम दिया था, उसी के ठिकानों पर भारतीय सेना ने सीधा हमला कर दहशत के केंद्र को नेस्तनाबूद कर दिया।
यह ऑपरेशन न सिर्फ आतंकियों को सबक है, बल्कि उनके संरक्षक पाकिस्तान को भी एक चेतावनी है कि अब भारत चुप नहीं बैठेगा।
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