“ऑपरेशन सिंदूर: पाकिस्तान पर भारत की एयर स्ट्राइक पर देश और दुनिया के नेताओं ने दी प्रतिक्रिया, जानिए किसने क्या कहा”
भारतीय सेना ने आतंकी ठिकानों पर ढाया कहर, दुनिया ने सराहा, इजरायल ने दिया खुला समर्थन
नई दिल्ली (शिखर दर्शन) // भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर ध्वस्त कर दिया है। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई। भारत ने इस ऑपरेशन की जानकारी अमेरिका सहित कई प्रमुख देशों को दी है।
इस साहसी अभियान के बाद इजरायल ने भारत के आत्मरक्षा के अधिकार का खुला समर्थन किया है। इजरायली राजदूत रुवेन अजर ने कहा कि “आतंकवादियों को समझ लेना चाहिए कि मासूमों के खिलाफ अपराध कर वे बच नहीं सकते।”
अमेरिका-यूएन और चीन की प्रतिक्रिया
डोनाल्ड ट्रंप ने पहलगाम हमले को “शर्मनाक” बताया और उम्मीद जताई कि यह संघर्ष जल्द खत्म होगा।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भारत-पाकिस्तान से संयम बरतने की अपील की।
चीन ने भारत की सैन्य कार्रवाई पर खेद जताया, और दोनों देशों से शांति बनाए रखने को कहा।
पाकिस्तानी नेतृत्व की बौखलाहट
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत की कार्रवाई को “युद्ध की घोषणा” बताते हुए सोशल मीडिया पर भड़ास निकाली और देश को “प्रभावी जवाब देने का अधिकार” बताया।
विदेश मंत्री इशाक डार ने इसे “अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन” बताया और चेताया कि इससे क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ सकती है।
भारत की राजनीतिक एकजुटता
- गृह मंत्री अमित शाह ने कहा: “मोदी सरकार आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
- विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा: “विश्व को आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता दिखानी चाहिए।”
- जेपी नड्डा बोले: “जो छेड़ेगा, वो छोड़ा नहीं जाएगा।”
- राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, ममता बनर्जी, पवन खेड़ा और अरविंद केजरीवाल ने सेना के साहस की सराहना की और एक स्वर में आतंकवाद के खिलाफ सेना के साथ खड़े होने की बात कही।
- ओवैसी ने हमलों का समर्थन करते हुए कहा कि पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना जरूरी है।
- मनोज तिवारी ने सोशल मीडिया पर कहा: “भारत हर बलिदान का बदला लेगा।”
- रेखा गुप्ता ने लिखा: “भारत माता की जय!”
वैश्विक जानकारी और रणनीतिक संवाद
भारत ने अमेरिका, ब्रिटेन, सऊदी अरब, यूएई और रूस को इस कार्रवाई की जानकारी दी है। वरिष्ठ अधिकारियों ने इन देशों के समकक्षों से संपर्क कर ऑपरेशन सिंदूर की विस्तृत जानकारी साझा की।
विश्लेषण: भारत की यह कार्रवाई ना केवल उसकी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन है, बल्कि वैश्विक मंच पर आतंकवाद के खिलाफ उसके दृढ़ संकल्प का संकेत भी है। इजरायल जैसे देशों का समर्थन, और विपक्ष समेत पूरे राजनीतिक तंत्र की एकजुटता, इस मुद्दे पर भारत की स्पष्टता को दर्शाती है।



