MP के लिए 12 मिनट की बड़ी तैयारी: शाम 7:30 के बाद अंधेरे में डूबेंगे 5 जिले, बाकी 50 जिलों में भी होगी आपदा प्रबंधन की समीक्षा
आपदा से निपटने की तैयारी: भोपाल सहित 5 जिलों में मॉक ड्रिल, ब्लैकआउट के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन का पूर्वाभ्यास
भोपाल (शिखर दर्शन) // मध्यप्रदेश के पांच प्रमुख जिलों – भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और कटनी – में बुधवार 7 मई को आपदा प्रबंधन को लेकर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। गृह विभाग के आदेश पर शाम 7:30 से 7:42 तक इन जिलों में पूर्ण ब्लैकआउट किया गया, जिससे आपातकालीन स्थितियों में प्रशासन और नागरिकों की तैयारी को परखा जा सके।
भोपाल में पांच स्थानों पर अलग-अलग आपात परिस्थितियों का अभ्यास
भोपाल में यह मॉक ड्रिल शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक चली। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने जानकारी दी कि नागरिकों को जागरूक करने और प्रशासनिक तैयारियों को जांचने के उद्देश्य से जिले के पांच चयनित स्थानों पर मॉक ड्रिल की गई, जिनमें निम्न अभ्यास शामिल रहे:
- भेल क्षेत्र – सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन का पूर्वाभ्यास
- डीबी मॉल – आग लगने की स्थिति में फायर ड्रिल और घायलों की निकासी
- तुलसी नगर – अस्थायी अस्पताल स्थापित कर इमरजेंसी चिकित्सा सेवा का प्रदर्शन
- न्यू मार्केट – भीड़भाड़ वाले इलाके से लोगों को निकालकर पुलिस लाइन तक पहुंचाने की प्रक्रिया
- कोकटा मल्टी – भवन गिरने की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास
ब्लैकआउट के दौरान रेड और ग्रीन अलर्ट सिस्टम
मॉक ड्रिल के दौरान शाम 7:30 बजे रेड अलर्ट सायरन बजाया गया, जो ब्लैकआउट की चेतावनी थी। नागरिकों से कहा गया कि वे अपने घरों, दुकानों और संस्थानों की सभी लाइटें बंद कर दें और सड़क पर चल रहे वाहन चालक अपने वाहन रोककर हेडलाइट-बैकलाइट बंद रखें। निर्धारित 12 मिनट बाद, 7:42 बजे ग्रीन अलर्ट सायरन बजा जो “ऑल क्लीयर” सिग्नल था और इसके साथ सामान्य रोशनी बहाल कर दी गई।
कलेक्टर ने नागरिकों से सहयोग की अपील की
कलेक्टर सिंह ने मॉक ड्रिल को एक सामान्य पूर्वाभ्यास बताते हुए सभी भोपालवासियों से इसमें पूर्ण सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अभ्यास से आपदा की स्थिति में प्रशासन और नागरिकों की तैयारी मजबूत होती है। मॉक ड्रिल के दौरान शहर की सामान्य गतिविधियां यथावत चलती रहीं।
नेहरू नगर में आगजनी की स्थिति का अभ्यास
भोपाल के नेहरू नगर पुलिस लाइन में विशेष मॉक ड्रिल का आयोजन हुआ जिसमें आग लगने की स्थिति में बचाव का प्रदर्शन किया गया। अस्थायी रूप से बनाए गए घर में आग लगाई गई और उसके बाद पुलिस और एनडीआरएफ की टीम ने मिलकर घायलों को सुरक्षित बाहर निकालते हुए अस्थायी अस्पताल में पहुंचाया। इस मौके पर पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इंदौर में मॉक ड्रिल की व्यापक तैयारियां
इंदौर में भी मॉक ड्रिल को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शहर की प्रमुख होटलों और सभी पार्षदों के साथ बैठक कर दिशा-निर्देश दिए। हर वार्ड में 10 वॉलेंटियर्स तैयार किए जाएंगे और पार्षदों के माध्यम से ब्लैकआउट व मॉक ड्रिल की जानकारी नागरिकों तक पहुंचाई जाएगी।



