बिलासपुर संभाग

“टीआई साहब मदद के नाम पर कर रहे थे डील, अब खुद की रैंक हो गई सील — इंस्पेक्टर से सब-इंस्पेक्टर बना दिया IG ने, और इज्जत का चूरन बन गया अलग से !”

मदद के बहाने मांग ली मुराद ! कुर्सी गई, वर्दी रह गई !

महिला से पैसे और यौन शोषण की डील भारी पड़ी ! बिलासपुर IG ने टीआई कलीम खान को कुर्सी से उतारकर किया रैंक डाउन

बिलासपुर (शिखर दर्शन) //
कभी थाने का बॉस बनने वाले टीआई कलीम खान अब वही वर्दी पहनकर जूनियर की लाइन में खड़े नजर आएंगे। महिला से पैसे ऐंठने और यौन शोषण की कोशिश का आरोप कलीम खान को इस कदर भारी पड़ा कि आईजी संजीव शुक्ला ने उन्हें उनके रुतबे समेत नीचे गिरा दिया। अब कलीम खान एक साल तक उप निरीक्षक की कुर्सी गर्म करेंगे — और वो भी बिना कोई गरमी दिखाए।

तेजतर्रार और ‘सख्त अधिकारी’ की छवि गढ़ने वाले कलीम खान उस समय बिलासपुर में पदस्थ थे, जब एक महिला ने उन पर अश्लील हरकतों और पैसों की डिमांड का सनसनीखेज आरोप जड़ दिया। यह मामला एसपी दीपक झा के कार्यकाल में सामने आया था, और तब से ही खान साहब की वर्दी पर दाग लग चुका था।

सूत्रों के अनुसार, दिल्ली से धोखाधड़ी के एक केस में महिला के पति को पकड़कर लाने के बाद कलीम खान ने खुद ही महिला से संपर्क साधा — पहले कॉल, फिर मैसेज, और फिर मुलाकात का प्रस्ताव। लेकिन मुलाकात मदद की नहीं, बल्कि मुराद (मतलब) की थी। आरोप है कि टी आई खान ने ‘जमानत’ की आड़ में ‘जायदाद’ मांग ली — और वहीं से शुरू हुआ उनका करियर डावांडोल होना।

एसपी पारुल माथुर के कार्यकाल में मामले की प्रारंभिक जांच कराई गई, जिसमें महिला के आरोपों को झूठा नहीं ठहराया जा सका , बल्कि सही पाया गया । इसके बाद विभागीय जांच हुई और फिर आईजी संजीव शुक्ला ने कार्रवाई में देर नहीं की। उन्होंने सीधा ऑर्डर जारी कर दिया — निरीक्षक से उप निरीक्षक की पदावनति, और वो भी एक साल की लंबी ‘प्रशिक्षण अवधि’ के साथ।

अब सवाल ये है कि क्या कलीम खान जैसी छवि रखने वाला अफसर इतनी बड़ी फजीहत के बाद फिर से पुरानी कुर्सी तक लौट पाएगा ? या फिर यह घटनाक्रम उनके पुलिसिया करियर की आखिरी बड़ी हेडलाइन बनकर रह जाएगा ?

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